अमरजीत सिंह
अयोध्या ब्यूरो।राम मंदिर विवाद का हल ढूंढ़ने के लिए बनी तीन सदस्यीय मध्यस्थता कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है।कार्यक्रम को मद्देनजर अयोध्या को छावनी में तब्दील कर दिया गया है कमेटी की पहली बैठक बुधवार को अयोध्या में हो रही है जिसमें 25 लोगों को बातचीत के लिए बुलाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनायी गयी कमेटी में श्री श्री रवि शंकर, रिटायर्ड जस्टिस कलीफुल्ला और वकील श्रीराम पंचू शामिल हैं।सभी शुक्रवार 15 मार्च, 2019 तक अयोध्या में रहेंगे। अवध यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग कैंपस में बने गेस्ट हाउस में इनके रहने का इंतजाम किया गया है. कमेटी के एक-एक सदस्य के लिए अलग-अलग कमरे की व्यवस्था की गयी है, जहां वे मध्यस्थता करेंगे। जिला प्रशासन ने 15 मार्च तक के लिए विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कैंपस को पूरी तरह से घेर दिया गया है।कमेटी की अनुमति के बगैर किसी को भी वहां जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी
व्यवस्था इतनी कड़ी है कि जिस ऑडिटोरियम में सुनवाई होनी है, वहां तक सिर्फ उन्हीं लोगों को जाने की इजाजत होगी, जिन्हें मध्यस्थों ने बुलाया है। मध्यस्थों की जरूरत के तमाम संसाधनों की व्यवस्था स्थानीय प्रशासन ने कर दी है. बताया गया है कि दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के दौरान होने वाली बातचीत के मुख्य बिंदुओं को अंकित किया जायेगा इसके लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के टाइपिस्ट की व्यवस्था कर दी गयी है।मध्यस्थता के दौरान किसी प्रकार की जानकारी बाहर आने की संभावना नहीं है, क्योंकि सर्वोच्च अदालत ने इस मामले की रिपोर्टिंग पर रोक लगा रखी है।


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