डॉ ओपी भारती
गोण्डा वजीरगंज। शुक्रवार देर शाम को रिज्वी नगर बौगड़ा में ऊंटों पर सजी अमारियां देख अजादारों की आंखें छलक गईं। भीगी पलकों से शबीह -ए-मुबारक की जियारत कर आंसुओं का पुरसा पेश किया। हजरत इमाम -ए-अली मुकाम की शहादत के गम में रिजवी नगर वौगड़ा स्थित कर्बला से शाही जुलूस निकाला गया।
जुलूस से पहले अंजुमन गुलदस्ता-ए-इमाम-रजा की ओर से मजलिस हुई। मजलिस को मौलाना सादिक हसन फैजाबादी ने खिताब किया। मौलाना ने इमाम की जिंदगी पर विस्तार से रोशनी डालते हुए उनकी शिक्षाओं पर अमल करने की अपील की। मौलाना ने इमाम की शहादत बयां की तो अजादारों की आंखें नम हो उठीं। इसके बाद कर्बला परिसर में शाही जुलूस के निकलने का सिलसिला शुरू हो गया। जुलूस में ऊंटों पर सजी अमारियों के साथ इमाम का ताबूत व जुलजनाह सहित अन्य शबीह-ए-मुबारक की जियारत कराई गई। देर रात शब्बेदारी का सिलसिला शुरू हुआ जो पूरी रात जारी रहा। कई मातमी अंजुमन ने नौहाख्वानी व सीनाजनी कर पुरसा पेश किया।
ताबूत की जियारत को उठे हाथ : इमाम के चाहने वालों ने शबीह-ए-मुबारक की जियारत कर दुआएं मांगी। अंजुमन दस्त-ए- हुसैनी व इमाम -ए-रजा कमेटी की ओर से अजादारों को हजरत इमाम अली रजा अलैहिस्सलाम के ताबूत की जियारत कराई गई।


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