अमर जीत सिंह
अयोध्या ब्यूरो । पुराने साथियों ने विरोधी के साथ मिलकर विजरन सिंह की हत्या की थी। सभी विरजन के कृत्यों से खुद को पीड़ित बता रहे थे। हत्या के बाद जनता के उग्र प्रदर्शन की वजह से पूरा प्रकरण हाईप्रोफाईल हो गया था। विरजन भी थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उसके पर पहले से कई मुकदमें दर्ज थे। गुरुवार की सुबह उसका शव ग्राम बघेड़ी में मिला था।
हत्या के आरोप में पुलिस ने बासदेव पुत्र सुन्दरलाल कोरी, निवासी बघेड़ी, उमेश कुमार लोधी पुत्र परमेशू लोधी निवासी ग्राम कछिया, द्वारिका पुत्र रामकिशुन निवासी रजनपुर, प्रवीण यादव पुत्र रामफेर यादव ग्राम व पोस्ट संडवा, तेज तिवारी पुत्र राजेन्द्र प्रसाद तिवारी निवासी ग्राम शेरपुर को गिरफ्तार किया। तेज तिवारी ने बबताया कि बघेड़ी गांव में दुर्गापूजा स्थल है। यह जमीन स्व बुधिराम ठाकुर के द्वारा दुर्गा पूजा हेतु गांव को दान दी गयी थी।
बुधराम ठाकुर की इस जमीन को विर्जन सिंह के द्वारा कब्जा करने व बेचे जाने के कारण तेज तिवारी के नेतृत्व में गांव वालों ने विरोध किया था। जिससे तेज तिवारी व विर्जन सिंह की दुश्मनी चल रही थी। तेज तिवारी ने बताया कि उसे विरजन सिंह से जान का खतरा था। इसकी शिकायत उसने एसपी ग्रामीण से भी की थी। उमेश व द्वारिका ने बताया कि विरजन सिंह के पास उसका पैसा था। जिसकों मांगने पर वह उन्हें बेइज्जत करता था।
प्रवीण यादव के अनुसार उसके विरोधी की मद्द विरजन करता था। इसमें वासदेव, उमेश, द्वारिका व प्रवीण विरजन सिंह के पहले साथी थे परन्तु सभी उससे नाराज होकर उसके दुश्मन तेज तिवारी से जाकर मिल गये। तेज तिवारी ने विरजन की हत्या का षडयंत्र रचा तथा उमेश, वासदेव, द्वारिका व प्रवीण ने मिलकर उसकी लाठी डण्डे से पीटकर हत्या कर दी। गिरफ्तार करने वाली टीम को पचास हजार के इनाम की घोषणा की गयी है।
रात में एक मकान में विरजन जाता था तथा वहां से अकेले मोटरसाईकिल से लौटता था। इस बात की जानकारी उसके साथियों को पहले से थी। घटना के समय सभी लाठी डण्डे से लैस होकर खड़े थे। विजरन के लौटते ही रात में सभी पीट पीट कर उसकी हत्या कर दी?


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