आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। आज रविवार को संविधान निर्माण डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती को पूरे हर्षोल्लास के साथ हर वर्ग ने मनाया। इसीक्रम जनपद के सभागार में डीएम रवीश गुप्ता ने भी डॉ भीमराव आंबेडकर के जयंती के दिवस को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर जिलाधिकारी ने बताया कि डा0 भीमराव आम्बेडकर ने संघर्ष करते हुए शिक्षा को अपना सम्बल बनाया तथा समाज और देश को नई दिशा प्रदान किया।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित डा0 भीमराव आम्बेडकर जयंती कार्यक्रम में उन्होेंने कहा कि आजाद भारत के लिए लिखित संविधान उनके द्वारा दिया गया सर्वोत्तम उपहार है। इसके पूर्व उन्होंने डा0 आम्बेडर के चित्र पर माल्यापर्ण किया तथा श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि शोषित, पीड़ित, वंचित पर हो रहें अत्याचार के विरूद्ध उन्होंने पत्रिकारिता का सहारा लिया तथा जनता, मूकनायक एवं वहिष्कृत भारत नाम के समाचार पत्र निकाले। उन्होंने 1921 में लंदन स्कूल आफ इकोनाॅमिक्स से एम0ए0 की डिग्री भी प्राप्त किया। वे देश के पहले कानून मंत्री थे। 06 दिसम्बर 1956 को उनका देहान्त हो गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि डा0 आम्बेडकर समतामूलक समाज बनाना चाहते थे। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील किया कि जाति और धर्म से उपर उठकर कार्य करें। अपर जिलाधिकारी रणविजय सिंह ने कहा कि बाबा साहब द्वारा दिखाये गये रास्ते पर चलकर ही हम देश की उन्नति कर सकते है।
सी0डी0ओ0 हाकिम सिंह ने कहा कि डा0 भीमराव आम्बेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी देश भक्ति को सर्वोत्तम रखा तथा सभी शोषित और वंचित के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया। गोष्ठी को परियोजना निदेशक प्रमोद यादव, जिला विकास अधिकारी वीरेन्द्र सिंह, ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में तमन्य पाण्डेय, चन्द्रशेखर यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी टी0पी मिश्र, डिप्टी आर0एम0ओ0 रामानन्द जायसवाल, उपायुक्त मनरेगा राकेश कुमार, अधि0अभि0 ए0के0 दूबे, बी0वी0 सिंह, कुषि अधिकारी पी0सी0 विश्वकर्मा एवं विभागीय अधिकारीगण एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।
विकास भवन में डा0 भीमराव आम्बेडकर के चित्र पर परियोजना निदेशक प्रमोद कुमार तथा जिला विकास अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने फूलमाला चढाया। तहसील सदर में उप जिलाधिकारी एस0पी0 सिंह, तथा तहसीलदार शंशाक शेखर राय, सहित नायब तहसीलदार, कानूनगो एवं अन्य कर्मचारियों ने डा0 आम्बेडकर के चित्र पर फूल माला चढा कर श्रद्धाजलि अर्पित किया।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ