शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ | कलयुग में जहां श्री रामचरितमानस जीवन जीने की कला सिखाता है वहीं श्रीमद्भागवत महापुराण मोक्ष का रास्ता दिखाता है। उक्त विचार जिले के सागीपुर इलाके के मंगापुर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के प्रथम दिवस पर भागवत महापुराण के महात्मा का विश्लेषण करते हुए कथा व्यास आचार्य सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने कही |
उन्होने कहा कि भागवत श्रवण से भक्ति ज्ञान वैराग्य उत्पन्न होता है जिससे त्याग की भावना जागृत होती है। उन्होंने आगे कहा कि संतों की कृपा से ही जन कल्याण संभव है। कथा व्यास जी ने गोकर्ण एवं धुंधकारी कथा की भी विस्तृत विवेचना किया।
कथा को रोचक बनाने के लिए आर्गन पर श्याम तिवारी, तबला पर सौरभ तिवारी एवं बेड पर दुर्गेश मिश्रा ने संगीत की विभिन्न स्वर लहरी से माहौल को भक्तिमय बना दिया। आचार्य आलोक पांडे, अभिषेक मिश्र एवं पुरुषोत्तम मिश्र ने मुख्य जजमान परशुराम उपाध्याय सुमन एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती भानुमति उपाध्याय से यज्ञशाला में स्थापित समस्त देवताओं का विधि विधान से पूजन अर्चन कराकर संपूर्ण वातावरण को भक्ति में बना दिया।


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