शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़। जिले के सागीपुर इलाके के मंगापुर के बालगोविंद मार्केट में परशुराम उपाध्याय सुमन के संयोजन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के कार्यक्रम में सोता भक्तों की भीड़ दिखने लगी है। कथा व्यास सुभाष चंद्र त्रिपाठी के मुखारविंद से पारिवारिक सामाजिक एवं संस्कारित उद्बोधन को श्रवण कर श्रोताओं की पिपाशा और बढ़ती जा रही है। कथा के दूसरे दिन बोलते हुए कथा व्यास सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि कलयुग में श्रीमद् भागवत कथा का बड़ा महत्व है। परमात्मा की कीर्ति कॉमेडी के विस्तार का ग्रंथ है श्रीमद्भागवत पुराण।
उन्होंने महिलाओं से अपेक्षा किया अपने बच्चों को संस्कारित बनाते हुए भारतीय संस्कृति को विश्व बंधुत्व बनाने में महती भूमिका निभाएगी। बच्चों से अपेक्षा किया कि वे प्रतिदिन अपने माता पिता एवं परिवार के सभी बड़े सदस्यों का पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। समय की महत्ता का निरूपण करते हुए व्यास जी ने कहा कि हमारे जीवन का प्रतिक्षण बहुत ही उपयोगी है इसका सदुपयोग करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा तो भाव के भूखे हैं। बिना उनकी कृपा के कोई भी कार्य संभव नहीं है। मानव तन प्रभु की असीम कृपा से प्राप्त हुआ है जो मोक्ष के दरवाजे की ताली है। भगवत प्राप्ति के लिए श्रीमद्भागवत का श्रवण करना बहुत ही महत्वपूर्ण है चूक होने पर 84लारव योनियों में भटकते रहना पड़ेगा।
श्री त्रिपाठी ने वेशभूषा पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा की हमारा आसन, असन और बसन, हमारे संस्कारों को प्रदर्शित करता है। हम जैसा रहन-सहन रखेंगे जैसा भोजन करेंगे और जैसा वस्त्र धारण करेंगे उसी पर पूरा जीवन निर्भर है। परमात्मा की अहेतुक कृपा हम सभी को माननी चाहिए जिसने इतनी सुंदर शरीर बनाया है बुद्धि विवेक और विचार पूर्वक सत्कर्म करने की क्षमता दिया है। ब्राह्मणों को परोपकारी मानते हुए उन्होंने कहा की यगोपवित शिखा और चंदन यह ब्राह्मणों का महत्वपूर्ण श्रृंगार है। बिना इसके वह ब्राह्मण कहलाने का हकदार नहीं है।कथा में भवानी शंकर उपाध्याय मनो विश्राम मिश्र यज्ञ नारायण सिंह महावीर सिंह जनार्दन प्रसाद उपाध्याय, ओमप्रकाश पांडे गुड्डू, गजराज सिंह लालजीत सिंह शीतला प्रसाद चौबे पवन शुक्ला शिव भीरव सिंह राम अभिलाष शुक्ला राम बहादुर सिंह, राम लोटन सिंह, शिव प्रसाद यादव, नरसिंह नारायण शुक्ला सीताराम सिंह अमर बेदर्दी आदि तमाम श्रोताओं के अलावा महिलाएं व बच्चे शामिल र

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