अपर निदेशक स्वास्थ्य से की शिकायत, विभागीय समिति को सौंपी गयी जांच
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय में तैनात एक डॉक्टर पर अपने महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित स्टाफ नर्स ने अपर निदेशक स्वास्थ्य को शिकायत पत्र देकर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के इस मामले से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही अस्पताल जैसे संवेदनशील विभाग में महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बाबू ईश्वर शरण जिला चिकित्सालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा के आधार पर तैनात एक महिला स्टाफ नर्स ने अपने ही विभाग के डॉक्टर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। महिला स्टाफ नर्स का आरोप है कि विभाग में कार्यरत डॉ रजनीकांत आए दिन उसके साथ गंदी बात करते हैं और उसके साथ अभद्रता करते हैं।
पीड़िता का कहना है कि ड्यूटी के दौरान डाक्टर जबरन उसके कमरे में आ धमकते हैं और उसके व्यक्तिगत जीवन को लेकर उल्टे सीधे सवाल करते हैं। पीड़िता का आरोप है कि शनिवार को उसकी बहन दवा लेने के लिए जिला अस्पताल आई थी। इसी दौरान डॉक्टर वहां पर आए और उसके साथ अभद्रता करते हुए उसकी संविदा समाप्त करा देने की धमकी देने लगे। परेशान पीड़िता ने देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य को शिकायत पत्र देकर मामले की जांच कराने व डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अनर्गल आरोप लगा रही है स्टाफ नर्स : डॉक्टर
इस मामले में आरोपित किए गए डॉक्टर रजनीकांत से बात की गई तो उनका कहना था कि स्टाफ नर्स ड्यूटी के टाइम पर मोबाइल फोन पर बात कर रही थी। इसके अलावा उनके मेहमान भी आए हुए थे, जिससे मरीज देखने में दिक्कत हो रही थी। इसी बात पर उन्होंने स्टाफ नर्स को ड्यूटी टाइम पर ये सब करने से मना किया था। इसी से नाराज होकर वह अनर्गल आरोप लगा रही है।
आरोप साबित होने पर जा सकती है नौकरी
वर्ष 2013 में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम को पारित किया गया था। यह कानून कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न को अवैध करार देता है। इस अधिनियम के तहत किसी महिला को उसकी इच्छा के विपरीत छूना या छूने की कोशिश करना, यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आएगा। यौन स्वभाव की (अश्लील) बातें करना भी यौन उत्पीड़न माना जाएगा। इस अधिनियम के मुताबिक शिकायत सही साबित होने पर आरोपी की नौकरी जा सकती है या फिर उसके ऊपर 50 हजार रूपये का जुर्माना भी हो सकता है।
विभागीय समिति को सौंपी गई जांच
देवीपाटन मंडल के अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉक्टर रतन कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि स्टाफ नर्स की तरफ से डाक्टर द्वारा अभद्र आचरण की शिकायत की गई है। इस शिकायत को जांच के लिए विभागीय समिति को सौंपा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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