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एक हजार रूपये की खातिर जिला अस्पताल के डॉक्टर ने ले ली लिपिक की जान !






शिक्षा विभाग के कर्मी के परिजनों ने जिला अस्पताल के डॉक्टर पर लगाया सनसनीखेज आरोप
 डीएम-एसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा, सीएमएस से तलब की रिपोर्ट
ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। लोकसभा मतदान के एक दिन पहले पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान ड्यूटी पर अपनी जान गंवाने वाले कर्मचारी के परिजनों ने जिला चिकित्सालय के डॉक्टर पर ऑक्सीजन लगाने के नाम पर एक हजार रूपये मांगने और कर्मी की मौत के बाद उसके शरीर से सोने की चैन व अंगूठी समेत रूपये निकाल लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।



परिजनों का आरोप है कि रूपये न देने पर डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती, जिससे मरीज की मौत हो गई। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी की गई। मृतक कर्मी के परिजनों ने सोमवार को डीएम व एसपी से मुलाकात की और डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम और एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक से दो दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
      


जिले के मोतीगंज थाना क्षेत्र के रामनगर बनकट गांव के रहने वाले बृजेंद्र प्रसाद शुक्ल जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डायट) दर्जीकुआं पर लिपिक के पद पर कार्यरत थे। लोकसभा चुनाव में मतदान अधिकारी के रूप में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। बीते पांच मई को पोलिंग पार्टियों की रवानगी के समय वह ईवीएम मशीन तथा अन्य सामग्री लेने के लिए शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज गए थे। ड्यूटी के दौरान ही दिन में करीब तीन बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर गिर पडे़। साथी कर्मियों व परिजनों ने उन्हें आनन फानन में ले जाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई थी।



 इस मामले को लेकर सोमवार को बृजेंद्र के भाई आलोक कुमार शुक्ल अपने परिजनों के साथ जिलाधिकारी डॉक्टर नितिन बंसल व पुलिस अधीक्षक राकेश प्रकाश सिंह से मिले। आलोक ने डीएम व एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में पांच मई को ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर टीपी जायसवाल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। आरोप है कि डॉक्टर जायसवाल ने मरीज को ऑक्सीजन लगाने के नाम पर एक हजार रूपये की मांग की। रूपये न देने पर मरीज बृजेंद्र को ऑक्सीजन नहीं लगाया, जिससे उनकी मौत हो गई।
       


मृतक बृजेंद्र शुक्ल के भाई आलोक ने डीएम व एसपी को बताया कि बृजेंद्र की मौत के बाद डॉक्टर टीपी जायसवाल ने सभी परिजनों को कमरे से बाहर निकाल दिया था और बृजेंद्र के शरीर से सोने की चैन व अंगूठी उतार ली। बृजेंद्र के जेब में रखा रुपया भी डॉक्टर ने निकाल लिया। विरोध करने पर परिजनों के साथ मारपीट की गई और फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी दी गई। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम व एसपी ने परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


डीएम ने सीएमएस से तलब की रिपोर्ट
बृजेंद्र शुक्ल के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को डीएम व एसपी ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने घटना को लेकर जिला अस्पताल के सीएमएस से दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। वहीं एसपी राकेश प्रकाश सिंह ने नगर कोतवाली पुलिस को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
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