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जनपद के 50 स्‍वास्‍थ्‍य उपकेन्‍द्र में बनेंगे आरोग्‍य केन्‍द्र





 प्रथम चरण में 3.5 करोड़ की राशि जिले के लिए स्‍वीकृत
 हर उपकेंद्र को उच्चीकृत करने को मिलेंगे सात लाख रुपए
आलोक बर्नवाल
संतकबीनगर। घर के नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रदेश के पाँच हजार नए उप केन्द्रों (उप केंद्र स्तरीय) को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत किया जाएगा । इसके लिए राशि आंवटित कर दी गई है।



सीएमओ डॉ हरगोविन्‍द सिंह ने बताया कि जिले में  50 उपकेन्‍द्रों को  जन आरोग्‍य केन्‍द्र के रुप में तब्‍दील किए जाने के लिए प्रथम चरण में 3.5  करोड़ रुपए आवंटित कर दिए गए हैं। बाकी 40  प्रतिशत धनराशि प्रथम चरण की राशि के उपयोग के बाद आवंटित की जाएगी। केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2019-20  के लिए जारी कार्य योजना के तहत इसका अनुमोदन किया गया है। इसके तहत सबसे पहले सभी आकांक्षी जिलों के 75 फीसद उप केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत (सुदृढ़ीकृत) किया जाना है।



 इसके बाद अन्य जिलों में विकास खंड की संख्या के आधार पर उप केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किया गया है। पहले चरण में प्रस्तावित उप केन्द्रों में से 60 फीसद उप केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में सुदृढीकरण किया जाएगा। इसके लिए सात लाख रुपए प्रति उप केंद्र की दर सेआवश्यक धनराशि का 60 प्रतिशत जिलों को प्रथम किश्त के रूप में आवंटित कियाजा रहा है। शेष धनराशि केंद्र सरकार से बजट आवंटन होने के बाद आवंटित कीजाएगी। इसी के अनुसार शेष उप केन्द्रों को भी उच्चीकृत किया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक पंकज कुमार ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी कर किस जिले में कितने उप केन्द्रों को उच्चीकृत किया जाना है, उसकी सूची भी जारी की है।


ऐसे केन्‍द्रों का होगा चयन
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत किए जाने वाले उप केन्द्रों के चयन के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सबसे पहले ऐसे सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिन्हें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में तब्दील किया जा चुका है, से संबन्धित तीन-तीन उप केंद्र जो सरकारी भवन में संचालित हैं और भवन की स्थिति अच्छी हो, वहाँ एएनएम की तैनाती हो, बिजली-पानी की व्यवस्था हो, आबादी के निकट हो और अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो का ही चयन किया जाये। यदि कहीं पर ऐसी स्थिति नहीं है तो ऐसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का चयन किया जाये जहां एम॰बी॰बी॰एस चिकित्सा अधिकारी तैनात हो । ऐसे नए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों केतीन-तीन उप केन्द्रों का पूर्व के दिशा-निर्देशों के अनुसार चयन किया जाये। इसके साथ ही यह भी प्रयास किया जाना चाहिए कि एक ब्लॉक के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में सुदृढ़ीकृत किया जाये ।


हेल्‍थ एण्‍ड वेलनेस सेण्‍टर में होंगी ये सुविधाएं
हेल्‍थ एण्‍ड वेलनेस सेण्‍टर में हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, पेशाब द्वारा गर्भ की जांच, अल्बोमिन व ग्लूकोज की जांच, मलेरिया, फाइलेरिया,  डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, बलगम, टाइफाइड आदि की जांच की सुविधा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर होगी। इसके अलावा गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन,साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल के अलावा गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग,रेफरल और फालो-अप की व्यवस्था भी इन केन्द्रों पर होगी। 

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