सुनील उपाध्याय
बस्तीः दो सफाईकर्मियों को सल्टौवा ब्लाक के परसा लंगड़ा गाव में स्थित गौशाला में सम्बद्ध करने का आदेश जारी किया गया, अभी वे गौशाला पहुंचे भी नही थे कि वहां किसी कारण से हुये पांच गोवंशों की मौत के मामले में उन्हे निलम्बित कर दिया गया।
इससे पहले गौशाला में पहले से तैनात तीन सफाईकर्मियों को इसी आरोप में निलम्बित किया जा चुका था। स्थानीय प्रशासन की दोहरी नीति से सफाईकर्मियों में आक्रोश है। उ.प्र. पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार आर्या ने कहा गौशालाओं में चारा, भूसा, पानी, इलाज और अन्य सुविधाओं के अभाव में गोवंशों की मौत हो रही है जिसका ठीकरा सफाईकर्मियों पर फोड़ा जा रहा है, इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। उन्होने यह भी कहा कि एससी, और पिछड़ी जातियों के सफाईकर्मियों को ही गौशालाओं में सम्बद्ध किया जा रहा है।
श्री आर्या ने कहा निदेशक पंचायती राज का स्पष्ट आदेश है कि सफाईकर्मियों से सफाई कार्य के अलावा कोई दूसरा कार्य न कराया जाये लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इस आदेश को कूड़े में डाल दिया है। आर्या ने कहा गोवंशों के मरने पर सफाईकर्मियों को निलम्बित किया जा रहा है, और जब सांड सफाईकर्मियों पर हमला कर घायल कर दे रहा है तो सफाईकर्मी के प्रति विभाग के अफसरों की संवेदनायें भी मृतप्राय हो जा रही हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष मो. कलीम और राजेश कुमार ने कहा कुल मिलाकर स्थितियां अनुकूल नही है। अफसर खुद संघर्ष की पृष्ठभिम तैयार करने को मजबूर कर रहे हैं।
महामंत्री रूद्रनारायण उर्फ रूदल ने कहा कि अफसरों की ये मनमानी किसी भी स्थिति में सहनीय नही है। उन्होने कहा पूरे मामले से प्रदेश नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है। जरूरत पड़ी तो काम बंद कर सफाईकर्मी हड़ताल पर जायेंगे और जब तक यह निर्णय नही होगा कि सफाईकर्मी सफाई करेंगे या गोवंशों की देखभाल तक हड़ताल जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि परसा लंगड़ा गांव में गौशाला में 15 जुलाई को पांच गोवंशों के मरने पर डीपीआरओ ने प्रकाश, विजय कुमार, बनारसी, अनूप कुमार, पुजारी प्रसाद को निलम्बित कर दिया था।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ