अमरजीत सिंह
अयोध्या ब्यूरो । रूदौली कोतवाली क्षेत्र गौहन्ना गाँव के बाहर मन्दिर मे लहू-लुहान अचेत अवस्था मे मिली 20 वर्षीय युवती की सूचना पर पहुंची पुलिस के नजरअन्दाज कियै जाने पर ग्राम प्रधान तथा घायल की बूढ़ी दादी ने इलाज के पहुंचाया अस्पताल। फूफा की देखरेख मे हो रहा है इलाज।
रूदौली कोतवाली क्षेत्र गौहन्ना गाँव के बाहर एक मन्दिर मे सोमवार को सुबह पूजा करने गये एक ग्रामीण ने अन्दर लहू लुहान बेहोशी के हालत मे एक युवती को देखते ही गुहार लगायी। मौजूद भीड ने युवती की पहचान करते हुए घटना की सूचना पुलिस को दी।युवती के पैर के पैर के तलुए हथेली हाथ सहित कई स्थानो पर ब्लेड जैसे धार वाले घाव के निशान भी मिले। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल के परिजनो मे एक मात्र बूढी दादी के होने कारण को अस्पताल भिजवाने की हिमाकत करना जरूरी नही समझा। 65 वर्षीय बूढ़ी दादी ने ग्राम प्रधान की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रूदौली ले गयी। हालत ज्यादा नाजुक होने के कारण जिलास्पताल रैफर किया गया। दो दिन बाद हालत समान्य बतायी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार रूदौली कोतवाली क्षेत्र गौहन्ना गाव निवासी सुरेश पुत्र रामदास की पहली पत्नी की मौत हो जाने के बाद दूसरी शादी कर पत्नी के साथ लखनऊ मे रहता है ।पहली पत्नी से जन्म लेने वाली रिचा अपनी दादी तथा रामदास के साथ रह रही थी।विगत चार माह पहले इलाज कराने के लिए घायल की सौतेली मा लखनऊ ले गयी।दो माह पहले दादा की मौत हुई। बावजूद इसके रिचा को दादा की मौत पर नही आ पाई।लेकिन सोमवार की सुबह मन्दिर मे ऐसी हालत मे पाये जाने से क्षेत्र मे हडकंप मच गया।मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा अख्तियार किया गया रवैया भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
गाव की महिलाओं ने बताया कि रिचा की सौतेली माँ एक साजिश के तहत बीमारी का इलाज कराने का बहाना बनाकर लखनऊ ले गयी थी।जिसके कारण अनैतिक व्यवहार की भी आशंकाऐ है।इस बाबत मे स्थानीय पुलिस का कहना है कि वगैर तहरीर के ही एनसीआर दर्ज करने के बाद ही इलाज होता है। ऐसे मे कोई कार्यवाही नही करने का आरोप निराधार है।घायल को परिजनों के बदले एम्बुलेंस द्वारा इलाज के लिए नही भिजवाने के बारे मे बताने से आनाकानी करते रहे।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ