अमरजीत सिंह
अयोध्या।पिछले चार दिनों से हो रही बारिस के चलते घाघरा नदी का जलस्तर उफान पर है।रूदौली क्षेत्र में रौनाही तटबंध के किनारे बसे कैथी,सल्लाहपुर,अब्बुपुर,मुजे हना,सरायनासिर,महंगू का पुरवा सहित कई गांव बाढ़ की जद में आ गए।जलस्तर में बढ़ोत्तरी को देखते हुए ग्रामीणों को बाढ़ का डर सताने लगा है।ग्रामीणों को अंदेशा है कि अगर इसी तरह जलस्तर में बढ़ोत्तरी होती रही तो बाढ़ की स्थिति उत्पन्य हो सकती है।
रुदौली तहसील प्रशासन ने खतरे को देखते हुए बाढ़ प्रभावित गांवो में कर्मचारियों को भेज कर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए है।कैथी मांझा के निवासियो के आवागमन के लिए तहसीलदार रूदौली शिव प्रसाद ने दो अतिरिक्त नावो की व्यवस्था के साथ कटान की स्थिति में प्रभावित होने वाले परिवारों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के लिए हल्का लेखपाल को स्थिति पर नजर रखने के लिए भेजा है।बुधवार को हुई बारिस से घाघरा नदी का पानी तटवर्ती गांवो के किनारे तक पहुँच चुका है। बाढ़ प्रभावितो गांवो में राहत के तौर पर राशन व केरोसिन वितरण किया जाता है लेकिन ग्रामीण अभी तक जुलाई माह का गल्ला व केरोसिन मिलने का इंतजार कर रहे है।मवेशियों में लिए चारे की समस्या को देखते हुए कुछ परिवार रौनाही तटबंध पर शरण लेने को तैयारी कर रहे है।
जलस्तर बढ़ने से धान की फसल डूबने का खतरा
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से एक तरफ जहां ग्रामीणों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है वही सैकड़ो किसानों की फसल नदी की धारा में डूबने की कगार पर पहुँच चुकी है।अब्बूपुर व सल्लाहपुर के किसान रामधीरज,दयाराम रामसूरत,रामभवन,जगजीवन,त्रिभवन, देवकी,अभिलाख,देवीदास,सजीवन,कै लाश,गजराज,मंगरु,गुड्डू वर्मा,प्रदीप वर्मा,मुंशी वर्मा सहित सैकड़ों किसानों के खेतो में नदी का पानी
भर गया है। तहसीलदार शिव प्रसाद ने बताया कि तहसील प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति पर नजर रखने के लिए राजस्व निरीक्षक के साथ लेखपालो को लगाया गया है।जलस्तर को लेकर अभी किसी खतरे की सूचना नही है।


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