अमरजीत सिंह
अयोध्या।जनपद के रुदौली तहसील क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते रुदौली मे कुकुरमुत्तों के तर्ज पर नर्सिंग होम संचालित किए जा रहे जो बिभाग लिए कमाऊ पूत बनें है।
रुदौली मुख्य बाजार से लेकर मवई चौराहा,पटरंगा,शुजागंज व नेवरा सहित विभिन्न बाजारों में डायनिंग सेंटर, पैथोलॉजी सेंटर 1 निजी अस्पतालों की भरमार हो गई है। यहां पर आने वाले मरीजों का यह अस्पताल संचालकों द्वारा शोषण किया जाता है। और आलम यह है कि समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर समय से डॉक्टर न आने के कारण लोग इन निजी अस्पतालों में शोषण का शिकार होते हैं। और सीएचसी व पीएचसी पर मिलने वाले मूलभूत सुविधा से वंचित रह जाते हैं सूत्रो की माने तो यहां पर अधिकांश डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करते कभी भी देखे जा सकते हैं।
ताजुब की बात यह है कि चौराहे से रुदौली की दूरी मात्र 3 किलोमीटर है। इस बीच में लगभग 2 दर्जन से अधिक नर्सिंग होम पैथोलॉजी सेंटर व डायनिंग सेंटर संचालित है। आरोप है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शुजागंज मे सटा हुआ एक निजी चिकित्सालय है जो एक असर दार डॉक्टर बताया जाता बताया जाता है।इस सम्बन्ध में सीएचसी प्रभारी पी .के गुप्ता ने बताया कि इन सभी सीएमओ आफिस से रजिस्टर्ड होते है हमे जानकारी नहीं है।मामले को लेकर सीएमओ हरिओम श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी नही है आप रजिस्टेशन बिभाग के बीके तिवारी से बात कर ले।
इस सम्बन्ध में बी के पाण्डेय ने बताया कि रुदौली और मवई क्षेत्र में एक दर्जन के आसपास नर्सिंग होम डायनिंग सेंटर, पैथोलॉजी सेंटर रजिस्टर्ड है।सीएचसी पर जानकारी होने के विषय मे बताया कि लिस्ट सीएचसी पर भेजी जाती है जानकारी न होने की बात कर रहे हैं तो गलत है


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