आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में निवास करने वाले ग्रामीणों के कल्याण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।जिसमें शिक्षा,स्वास्थ्य,सड़क एवं आवास के नाम पर ग्राम पंचायतों में भारी-भरकम राशि सरकार द्वारा भेजी जा रही है। लेकिन जिम्मेदार विकास कार्यों के लिए आए सरकारी धन का बंदरबांट करने पर लगे हुए हैं। ब्लॉक मुख्यालय के जिम्मेदारों की सह पर ग्राम पंचायतों में खुली लूट मची हुई है।
ऐसा ही मामला पौली विकासखंड के ग्राम पंचायत खैरा में देखने को मिला जहां लोहिया आवास के नाम पर जमकर लाभार्थियों का शोषण किया गया। और ठेकेदारी प्रथा से बने शौचालय बनने के चंद दिनों बाद ही धराशाई हो गए। अब स्थिति यह है कि ग्रामीण उसको उपयोग नहीं कर सकते। दूसरी तरफ सरकार के कागज में उनके पास शौचालय है। ऐसी स्थिति में वे बाहर शौच को मजबूर हैं। आखिर ऐसे कैसे सफल होगा स्वच्छ भारत मिशन.?

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