अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर।। किशोर किशोरी सशक्तीकरण एवं बाल संरक्षण से जुड़ी सभी नीतियों व कार्यक्रमों को अन्तर्विभागीय समन्वय द्वारा सुदृढ़ करने और बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला स्तरीय टास्कफोर्स की बैठक विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अमनदीप डुली की अध्यक्षता में संपन्न की गईं। बैठक का संचालन करते हुये जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश कुमार ने किशोर किशोरी सशक्तीकरण एवं बाल विवाह को रोकने के लिए योजनाओं कार्यक्रमों के बारे में संबन्धित विभागों के अधिकारियों को जानकारी दी। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने कहा कि बाल विवाह रोकने हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, महिला एवं बाल विकास विभाग, आइसीडीएस, पुलिस विभाग, श्रम विभाग आदि विभागों की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि बाल विवाह को रोकने हेतु उसकी जड़ तक जाना होगा। इसके लिए समस्त विभाग प्रयत्नशील हो। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि आशा, आॅगनबाड़ी कार्यकत्री, ग्राम प्रधानों द्वारा बाल विवाह की सूचना पुलिस व उच्च अधिकारियों को दी जाए, जिससे की बाल विवाह को तुरन्त रोका जा सके। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को बाल विवाह बहुलता वाले स्थानांे को चिन्हित करके जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया। बाल विवाह रोकने हेतु आवश्यक है कि लोगों को जागरूक किया जाए, बाल विवाह से होने वाले नुकसान को बताया जाए। बैठक में जिला बाल संरक्षण समिति के द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं पर चर्चा की गई। इसमें बालश्रम में संलिप्त बच्चों को मुक्त कराने एवं उनका पुनर्वास कराने का निर्देश सीडीओ द्वारा जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी को दिया गया। बैठक में स्पाॅन्सरशिप योजना, फास्टर केयर योजना, राजकीय संप्रेक्षण गृह की स्थापना आदि विन्दुओं पर चर्चा की गई। बैठक में सीओ सिटी करमवीर सिंह, पीडी0 एके0 सिंह, अपर सीएमओ कमाल अशरफ, डीआईओएस महेन्द्र कुमार कनौजिया, बीएसए हरिहर प्रसाद, डीपीआरओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल संरक्षण से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाएं उपस्थित रहे।


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