शिवेश शुक्ला
प्रतापगढ़ : संचालित चाइल्डलाइन 1098 के हस्तक्षेप से सुल्तानपुर की 13 वर्षीय एक बच्ची बालिका-बधू बनने से बच गयी.
ज्ञात हो कि जनपद- सुल्तानपुर अंतर्गत थाना गोसाई गंज के ग्रामपंचायत फतेहपुर संगत में जिसकी उम्र महज 13 वर्षीय एक नाबालिक लड़की रीना (बदला हुआ नाम) की शादी पड़ोसी गाँव भोएं के करीब तीन गुना उम्र के एक लड़के (35 वर्ष) के साथ किया जा रहा था । शादी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी तथा प्रस्तावित वर-वधु पक्ष के लोग भी एकत्र हो गए थे. यहाँ तक की शादी के सात फेरे करवाने के लिए पुरोहित जी भी आ चुके थे.
तभी इस बाल विवाह को तुरंत रोकने के लिए चाइल्ड लाइन प्रतापगढ़ के फोन 1098 की घंटी घनघनाई और कालर ने बाल विवाह होने की सूचने की सूचना देते हुए इसे रोकने की गुहार लगायी. चाइल्डलाइन 1098 पर सूचना मिलते ही चाइल्डलाइन की टीम हरकत में आई और इसकी सूचना तुरंत बाल कल्याण समिति सुल्तानपुर को देते हुए प्रतापगढ़ से 70 किमी० दूर स्थिति घटना स्थल की और रवाना हो गयी. चाइल्डलाइन की टीम द्वारा गोसाईगंज थाना के प्रभारी को भी सूचित करते हुए तत्काल मौके पर पहुंचने के लिए कहा गया।
जैसे ही बाल कल्याण समिति सुल्तानपुर व पुलिस बल के साथ चाइल्ड लाइन टीम मौके पर पहुंची तो शादी की तैयारियां पूरी थीं और सिर्फ कमी थी तो मंत्रोचार के साथ सात फेरे लेने की. मौके पर कोई बवाल ना हो, इस अनहोनी से बचने के लिए दोनों पक्षों को पकड़ कर थाने लाया गया. बाद में कुछ स्थानीय नेता भी बचाव के लिए पहुँच गए, जिससे पुलिस का रवैया ढीला पड़ गया. अंततः बाल कल्याण समिति व चाइल्ड लाइन के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों से एक लिखित शपथ-पत्र लेकर लड़की को मां-बाप के संरक्षण में दिया गया, जिसमें दोनों पक्ष के माता-पिता को लड़की के बालिग़ होने तक बाल विवाह ना करने की सख्त हिदायत देते हुए कहा गया कि अगर दोबारा इस तरह का मामला प्रकाश में आया तो आप दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी. साथ ही साथ बाल कल्याण समिति द्वारा स्थानीय पुलिस को इसके देख-रेख की जिम्मेदारी भी सौपीं गयी.
इस तरह चाइल्ड लाइन प्रतापगढ़ द्वारा 70 किमी० दूर सुल्तानपुर में 13 वर्षीय एक बच्ची को बालिका-बधू बनने से बचा लिया गया.


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