ए. आर. उस्मानी
गोण्डा। कच्ची शराब के कारोबार ने मोतीगंज थाना क्षेत्र की कहोबा चौकी क्षेत्र में कुटीर उद्योग का रूप ले लिया है। यहां इलाकाई पुलिस की सरपरस्ती में दर्जनभर से अधिक गांवों में खुलेआम जहरीली शराब बनाई और बेची जा रही है। बताते हैं कि कच्ची शराब में जहरीले रसायन का प्रयोग किया जाता है, जो इसका सेवन करने वाले लोगों की असमय मृत्यु का प्रमुख कारण है। यह धंधा दनौवा, खखरइया, छाछपारा मतवल्ली, नेवादा, हड़हवा से लेकर इमिलिया नयी बस्ती तक फैला हुआ है, जिसके बदले पुलिस को प्रतिमाह एकमुश्त रकम मिलती है।
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पुलिस अधीक्षक आर. के. नय्यर की सख्ती के बाद भी पुलिस अवैध रूप से बनायी और बेची जा रही कच्ची जहरीली शराब के गोरखधंधे पर मेहरबान है। मोतीगंज थाने की कहोबा पुलिस चौकी क्षेत्र में इन दिनों इस कारोबार ने कुटीर उद्योग का रूप ले लिया है, जिसके बदले में इलाकाई पुलिस भी मालामाल हो रही है। चौकी क्षेत्र का इमिलिया नयी बस्ती गांव पुलिस के लिए कामधेनु गाय की तरह है। सूत्र बताते हैं कि यहां शराब का कारोबार करने वाली एक महिला मुंहमांगी रकम देती है। वह कच्ची शराब का बड़े पैमाने पर कारोबार करती है। पाउचों में पैक होकर शराब की सप्लाई दूसरे इलाकों में पहुंचाई जाती है। इसके साथ ही इमिलिया नयी बस्ती में दो अन्य बड़े धंधेबाज भी हैं जो पुलिस को नजराना देकर अपने गोरखधंधे को परवान चढ़ा रहे हैं। सूत्रों पर भरोसा करें तो प्रतिमाह अकेले इमिलिया नयी बस्ती गांव के शराब कारोबारियों से ही करीब 50 हजार रूपये की वसूली की जाती है। बताते हैं कि पहले यह वसूली चौकी का सिपाही करता था, लेकिन मामला हाईलाइट होने पर अब एक दलाल के जरिए वसूली करायी जा रही है।


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