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बी सेम्‍पल व क्‍लीनिकल जांच के बाद 49 हुए टीबी मरीज



■ अभियान के दौरान खोजे गए थे कुल 32 टीबी के मरीज

■ टीबी के इन मरीजों का भी शुरु किया गया उपचार

आलोक बर्नवाल
संतकबीरनगर। जनपद में पुनरीक्षित क्षय रोग नियन्‍त्रण अभियान के तहत चलाए गए छठवें टीबी रोगी खोजी अभियान में बी सेम्‍पलों की जांच के साथ ही क्लिनिकल जांच के बाद अभियान में टीबी के कुल खोजे गए मरीजों की संख्‍या बढ़कर 49 हो गई है। अभियान के दौरान कुल 32 टीबी के मरीज खोजे गए थे।
 क्षय रोग के जिला कार्यक्रम समन्‍वयक अमित आनन्‍द ने बताया कि छठवें पुनरीक्षित क्षय रोगी खोजी अभियान के दौरान जिले की कुल 2 लाख की जनसंख्‍या को कवर किया गया था। इस दौरान 8 टीमों के द्वारा कुल 32 टीबी के मरीज खोजे गए थे। इसके बाद जमा किए गए कुल 450 नमूनों के बी सेम्‍पल की जांच की गई। साथ ही क्लिनिकल जांच भी की गई। इस जांच में कुल 17 मरीज सामने आए हैं। इन मरीजों को सूचना देकर उनका इलाज भी शुरु करा दिया गया है। जिले में अब तक कुल 6 अभियान चलाए जा चुके हैं और कुल 12 लाख जनसंख्‍या को कवर किया जा चुका है। अब तक चलाए गए अभियानों में कुल 194 मरीज सामने आए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। कुछ मरीज अब तक स्‍वस्‍थ भी हो चुके हैं। हर मरीज को 500 रुपए प्रतिमाह पोषण भत्‍ता भी दिया जा रहा है।
 समन्यवक अमित आनन्‍द आगे बताते हैं कि सरकार का लक्ष्‍य आगामी 2025 तक टीबी को जड़ से समाप्‍त करने का है। इसके लिए लगातार लोगों को जागरुक करने के साथ ही क्षय रोगी खोजी अभियान के 6 चरण जिले में चलाए जा चुके हैं। जिले में विभिन्‍न स्‍वयंसेवियों को टीबी रोगियों की देखभाल के लिए नियुक्‍त भी किया गया है।

ये लक्षण दिखे तो जरूर करा लें जांच

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एसडी ओझा ने कहा कि अगर आपके अन्‍दर छ: प्रकार के लक्षण दिखाई दें तो कतई नजरंदाज न करें। इनमें दो सप्‍ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना। खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना। वजन काघटना। बुखार व सीने में दर्द, शाम के समय हल्‍का बुखार होना।  रात में बेवजह पसीना आना। भूख कम लगने जैसी समस्‍या है तो अवश्‍य ही अपनी जांच करा लें। जांच के उपरान्‍त समय पर इलाज हो जाने से टीबी ठीक हो सकता है।

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