अखिलेश्वर तिवारी
बलरामपुर।। जनपद बलरामपुर के जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलााधिकारी कृष्णा करुणेश की अध्यक्षता में गुरुवार को संपन्न हुई।
जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट सभागार में 31 अक्टूबर को जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में वेक्टर जनित रोग मलेरिया, दिमागी बुखार, डेंगु, कालाजार, चिकनगुनिया,फाइलेरिया सहित अन्य संक्रामक बिमारियो के रोकथाम पर चर्चा की गयी। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सभी बच्चों का शतप्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया तथा बीएचएनडी0 के माध्यम से संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार का सघन प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम स्तर पर आयोजित टीकाकरण में ग्राम प्रधानों को जोड़ने का निर्देश दिया। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए ग्राम स्तर पर बीएचएनडी0 को और सशक्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बीएचएनडी0 जनपद के समस्त ब्लाकों में नियमित आयोजित किया जाए तथा इसमें ऐनम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपस में समन्जस्य बनाकर कार्य करें। स्वास्थ्य कर्मी को निपुण बनाने के लिए ट्रेनिंग कराया जाए । जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देशित किया कि प्रत्येक ब्लाक से ऐसी 10-10 आशाओ को सूचीबद्ध करे जिन्होने अपने दायित्यो को निर्वाहन अच्छे व खराब ढंग से किया हो। सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने- अपने स्वास्थ्य केन्द्रो पर वर्डो पर लगे टीवी स्क्रीन के माध्यम से केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही स्वास्थ्य योजनाओ व सुविधाओ की जानकारी प्रदान करे जिससे की लोगो में जागरूकता बढे और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ ले सके। सभी जिला महिला चिकित्सालय, सीएचसी0 व पीएचसी0 के चिकित्साधिकारियों को स्वास्थ्य केन्द्रों पर समुचित साफ-सफाई व स्वच्छ वातावरण रखने का निर्देश दिया । सभी डाॅ0 नियमित रूप से अपने-अपने स्वास्थ्य केन्द्रो पर बैठे और मरीेजो की स्वास्थ्य जांच करें।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रम-वित्तीय व्यय, मातृ स्वास्थ्य, बाल स्वास्थ्य, परिवार कल्याण व हौसला साझेदारी, कायाकल्प, आशा योजना, आशा भुगतान, नियमित टीकाकरण, प्रधानमंत्री वन्दन योजना, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य, किशोर व किशोरी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, संचारी रोग, टीबी0 आदि पर विस्तृत चर्चा की गई । जिलाधिकारी ने सीएमओ डा. घनश्याम सिंह को निर्देशित करते हुये कहा कि वह यह सुनिश्चित करें कि समस्त पीएचसी तथा सीएचसी के डाक्टर समय से अपने-अपने केन्द्र पर पहुॅचे और मरीजों की देखभाल सही ढंग से करें। आशाओं से गैर सरकारी अस्पतालों में होने वाले प्रसव की नियमित रिपोर्ट व सूची उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएं।
सीएमओ ने समस्त डाॅक्टरों व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं एवं जन्म हुए बच्चों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर कराएं। जननी शिशु सुरक्षा व स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दिया जाए। प्रसव की प्रगति रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उसकी फीडिंग भी किया जाए। सीएमओ ने बताया कि अति कुपोषित 05 वर्ष तक के बच्चों को चिकित्सीय देखरेख में उपचारित करने के लिए जिला मेमोरियल चिकित्सालय में पोषण पुनर्वास केन्द्र भी स्थापित है। इसलिए समस्त केन्द प्रभारी ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों केे माध्यम से चिन्हित गंभीर अतिकुपोषित बच्चों को 15 दिनों तक भर्ती कर इलाज कराया जाए। उन्होंने समस्त एमवाईसी को निर्देशित किया कि जनपद में गोल्डन कार्ड पात्र व्यक्तियों का शतप्रतिशत लक्ष्य के साथ पूर्ण कराएं। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 घनश्याम सिंह के अलावा अपर सीएमओ डा0 एके सिंद्यल, डा0 एके पाण्डेय, सीएमएस सीपी मिश्रा, सीएमएस जैदी, मलेरिया अधिकारी मंजुला आनंद, डीपीआरओ नरेश चन्द्र, डीपीओ के0एम0 पाण्डेय, अपर सीएमओ, समस्त पीएचसी0 व सीएचसी के चिकित्साधिकारी, अन्य अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित थे।


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