छापे में निर्मित-अर्ध निर्मित शराब और ढक्कन-रैपर आदि बरामद
अमरजीत सिंह
अयोध्या। जनपद के आबकारी विभाग के सरकारी ठेके पर अवैध शराब का निर्माण और बिक्री की जा रही थी।इसका खुलासा आबकारी और पुलिस की संयुक्त छापेमारी में हुआ है। प्रकरण में मुकदमा पंजीकृत करवा सेल्समैन का चालान किया गया है जबकि लाइसेंसी और उसके पति की तलाश की जा रही है।
बताया बताया गया कि पर्व त्योहार के मद्देनजर शराब की बिक्री बढ़ने के बाद आबकारी महकमे को नकली शराब बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थी। सूचना के आधार पर आबकारी निरिक्षक अमिता श्रीवास्तव व आलोक कुमार की टीम ने गोसांईगंज थाना प्राभारी श्रीनिवास पान्डेय की टीम के साथ महाराजगंज और गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सीमा पर स्थित तन्डौली कस्बे के सरकारी ठेके पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान देशी शराब के ठेके पर भारी मात्रा में रैपर, ढक्कन, खाली शीशी और अन्य सामान देख टीम भौचक हो गई। संयुक्त टीम ने दुकान के सेल्समैन सुरेंद्र कुमार निवासी पूरे गुरुबख़्स पलिया प्रताप शाह धरमगंज थाना इनायत नगर को हिरासत में ले लिया। मौके से संयुक्त टीम ने तलाशी मे 1440 अध्धा-पौवा देशी शराब वैध फैक्ट्री निर्मित तथा औरेंज ब्रांड की अवैध देसी शराब 180 अध्धा-पौवा, 660 नकली रैपर,720 बारकोड, 1022 ढक्कन, भारी मात्रा में खाली शीशी और एक सूजा बरामद किया है।
सेल्समैन बोला, बाहर से आती है खेप
पूछताछ सरकारी देसी शराब ठेके के सेल्समैन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि नकली शराब की खेप ठेके के लाइसेंसी सरिता पांडेय के पति अजय पांडेय की ओर से उपलब्ध कराई जाती है। दो-तीन दिन पूर्व अजय पांडेय ने 5000 शीशी शराब उपलब्ध कराई थी मगर सवाल यह है कि अगर अवैध देसी शराब बाहर से ठेके पर उपलब्ध कराई जाती है तो फिर दुकान में अवैध रैपर, बारकोड, ढक्कन और अन्य सामग्री का क्या काम ? क्षेत्रीय लोगों की माने तो वैध सरकारी शराब के बीच अवैध शराब को खपाने के लिए यह गोरखधंधा शराब ठेके से ही अंजाम दिया जाता है। रात के अंधेरे में यहीं पर खाली शीशियों में नकली शराब भरी जाती है और उस पर ढक्कन, रैपर और बारकोड लगाकर असली जैसा बना दिया जाता है और सरकारी लाइसेंस की आड़ में मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है।



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