अखिलेश्वर तिवारी
जिले में मिले 417 हाइड्रोसील व 201 लिम्फोडिमा के संदिग्ध केस
एमडीए अभियान के दौरान 19 लाख 40 हजार 995 लोगों कोे खिलाई डी.ई.सी व अल्बेंडाजोल की दवा
बलरामपुर ।। फाइलेरिया जैसी लाइलाज बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए जिले में चलाए गये फाइलेरिया मुक्ति अभियान में जिले की कुल आबादी के 81 प्रतिशत लोगों को फाइलेरिया की दवा खिला दी गई है। अभियान के दौरान जिले में भारी संख्या में लिम्फोडिमा और हाइड्रोसील के संदिग्ध मरीज भी मिले हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने शुक्रवार को बताया कि जिले में फाइलेरिया मुक्ति अभियान के तहत नाइट ब्लड सर्वे के दौरान 6 पाॅजिटिव केस पाये गये थे जो कि इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ है। इसके अलावा जिले में 17 से 29 फरवरी तक चलाये गये 15 दिवसीय मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) के दौरान जिले के बलरामपुर नगर व ग्रामीण सहित 10 क्षेत्रों में 1938 टीमों ने घर घर जाकर गर्भवती महिला, बुजुर्गो, बीमार व्यक्तियों और दो साल से कम छोटे बच्चों को छोड़कर जिले के 19 लाख 40 हजार 995 लोगों कोे डी.ई.सी व अल्बेंडाजोल दवा खिलाई। जिसमें 48 लाख 52 हजार 485 डीईसी व 19 लाख 40 हजार 995 अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई गई। अभियान के दौरान लिम्फोडिमा और हाइड्रोसील के 618 संदिग्ध मरीज मिले हैं जिनकी जांच विभाग द्वारा कराई जा रही है। लिम्फोडिमा के सबसे ज्यादा संदिग्ध मरीज तुलसीपुर में 65, पचपेड़वा में 34, बलरामपुर शहर में 26, गैण्डास बुजुर्ग में 21, महदेईया और शिवपुरा में 15-15, गैसड़ी में 12, उतरौला में 6, रेहरा में 4 और बलरामपुर ग्रामीण में 3 पाये गये हैं। जबकि हाइड्रोसील के सबसे ज्यादा संदिग्ध मरीज तुलसीपुर में 95, उतरौला में 85, रेहरा बाजार में 43, बलरामपुर ग्रामीण में 42, महदेईया में 33, शिवपुरा में 31, बलरामपुर शहर में 27, पचपेड़वा में 25 गैंडास बुजुर्ग में 23 और गैसड़ी में 13 पाये गये हैं। जिला मलेरिया अधिकारी मंजुला आनंद ने बताया 15 दिवसीय अभियान के दौरान पंचायती राज विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, नगर निकाय, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग, जिला पूर्ति विभाग के साथ साथ सूचना विभाग, मनोरंजन विभाग, रेलवे आदि विभागों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है।


एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ