अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के एमपी एमएलए कोर्ट से जारी गैर जमानती वारंट के आरोपी सपा के प्रवक्ता आईपी सिंह की जमानत अर्जी शुक्रवार को कोर्ट ने फिर खारिज कर दी।
पेशी के दौरान ही सपा प्रवक्ता को दिल से संबंधित दिक्कत हुई और वह वहीं पर चक्कर खा कर बैठ गए।
आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए जिला पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया। वहां से डॉक्टर ने उन्हें लखनऊ के लिए रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार आईपी सिंह वर्ष 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान बलरामपुर आए थे।
आरोप है कि उस समय प्रदेश की भाजपा सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री थे और बलरामपुर जिले के प्रभारी बनाए गए थे। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य चुनाव में मतदान के दौरान पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू के परिजन के पक्ष में बलवा किया था।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आईपी सिंह मतदान के समय सरकारी लाल बत्ती लगी अंबेडकर कार संख्या यूपी 32 एबी 9990 से अपने गनर के साथ गैंजहवा गुजर पुरवा तथा डकही बूथ पर धीरेंद्र प्रताप सिंह तथा उनके समर्थकों के साथ पहुंचे थे उनके राह पर ही बूथ कैपचरिंग के साथ-साथ पुलिस वालों के साथ अभद्रता, सरकारी रायफल को तोड़ने तथा बैलट पेपर लेकर भाग रहे अभियुक्त डब्लू ओझा को छुड़ाने के लिए सैकड़ों लोगों के साथ पुलिस टीम को घेर कर पथराव कराया तथा आरोपी डब्लू ओझा को जबरन पुलिस कस्टडी से छुड़ा लिया था ।
इसी को लेकर उनके ऊपर निरीक्षक हीरा सिंह के तहरीर पर बलरामपुर देहात कोतवाली में गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। आईपी सिंह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे थे।
कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। गुरुवार को इंद्रपाल सिंह कोर्ट में जमानत के लिए हाजिर हुए थे। न्यायाधीश अभिनितम उपाध्याय ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए जेल भेज दिया था।
शुक्रवार को फिर से उसी कोर्ट में जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी। आरपी सिंह को सुनवाई के दौरान कोर्ट लाया गया था। न्यायाधीश ने शुक्रवार को भी उनकी जमानत खारिज कर दी। इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया है।
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