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भगवान भरोसे है नेपाल की हवाई यात्रा



उमेश तिवारी

काठमांडू / नेपाल:नेपाल विमान हादसे ने नेपाल जाने वाले पर्यटकों के बीच डर बैठा दिया है। लोग पोखरा जाने का अपना प्लान कैंसिल कर रहे हैं। कई लोग वहां विमान से न जाकर बस या कार से जाने की सोच रहे हैं। लोगों का कहना है कि थोड़ा सा समय बचाने के लिए वो अपनी जान को दांव पर नहीं लगा सकते।


नेपाल के पोखरा में पिछले रविवार हुए भयंकर विमान हादसे ने लोगों के भीतर हवाई यात्रा को लेकर डर पैदा कर दिया है। खासकर, लोग नेपाल जाने के लिए विमान यात्रा करने से डरने लगे हैं। हिमालय की खूबसूरती देखने के लिए अलग-अलग देशों से पर्यटक नेपाल आते हैं लेकिन हादसे से पर्यटक डर गए हैं। 


कई देशों के पर्यटकों ने नेपाल की विमान यात्रा को रद्द कर दिया है जिसमें संयुक्त अरब अमीरात के लोग भी शामिल हैं।


यूएई के कई लोग जिन्होंने नेपाल की यात्रा प्लान की थी, उस पर अब दोबारा विचार कर रहे हैं। कई लोगों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी है तो कुछ हवाई यात्रा को छोड़ दूसरे विकल्पों से नेपाल आने की सोच रहे हैं।


यूएई की मीनाक्षी चक्रवर्ती इस साल अप्रैल में दोस्तों के साथ अन्नपूर्णा बेस कैंप में ट्रेकिंग के लिए आनेवाली थीं। लेकिन विमान हादसे के बाद वो अपनी नेपाल यात्रा को रद्द करने पर विचार कर रही हैं।

 

खलीज टाइम्स से बातचीत में उन्होंने कहा, 'विमान दुर्घटना के बाद हर कोई  नेपाल में विमान यात्रा से हिचकिचा रहा है। हम 11 लोग नेपाल जाने वाले थे लेकिन अब हम जाने को लेकर निश्चिंत नहीं है। हम नेपाल से प्यार करते हैं, और हमारे कई दोस्तों ने पहले पोखरा में ट्रेकिंग की है, लेकिन इतने बड़े हादसे के बाद इतनी जल्दी पोखरा में विमान से जाने की सोचना थोड़ा डरावना है।


मीनाक्षी बताती हैं कि पिछले साल ही वो नेपाल जाने वाली थीं लेकिम काम की वजह से नहीं जा सकीं। वो कहती हैं, 'इस साल मैं पोखरा जाने के लिए बेहद उत्साहित थी क्योंकि वो बेहद ही सुंदर शहर है। मैं पहले भी वहां जा चुकी हूं।लेकिन अब मुझे संदेह है कि मैं वहां जा पाऊंगी।


2017 में मीनाक्षी नेपाल गई थीं जहां विमान यात्रा के दौरान उन्हें कुछ खराब अनुभव भी हुए। वो बताती हैं, 'मेरे पति और मैंने हिमालय की चोटियों को देखने के लिए एक उड़ान बुक किया था। लेकिन उड़ान भरने के 10 मिनट के भीतर ही खराब मौसम के कारण उड़ान वापस आ गई। हम केवल एक चोटी देख पाए।


मीनाक्षी ने हालांकि, अपनी उस यात्रा के दौरान पोखरा में पैराग्लाइडिंग की थी और वो उसकी प्राकृतिक खूबसूरती से मंत्रमुग्ध हो गई थी। वो पोखरा की तारीफ में कहती हैं, 'इस अनोखे छोटे से शहर में देने के लिए बहुत कुछ है। यह अन्नपूर्णा रेंज के बीच स्थित है और बीच में सेवा झील इसकी सुंदरता को और बढ़ाता है। 


वहां के लोग अच्छे हैं। पर्यटन पोखरा की आय के मुख्य स्रोतों में से एक है। मुझे ये सोचकर दुख होता है कि इस दुर्घटना के बाद पर्यटन में गिरावट के कारण लोगों को परेशानी हो सकती है।


'नेपाल में हवाई यात्रा का कोई भरोसा नहीं'


संयुक्त अरब अमीरात के ही रहने वाले अनिमेष वर्मा का कहना है कि नेपाल में हवाई यात्रा का कोई भरोसा नहीं है इसलिए वो इस देश में बस से घूमने की योजना बना चुके हैं।अनिमेष ने साल के अंत में नेपाल जाने की योजना बनाई है। विमान दुर्घटना से पहले ही उन्होंने फैसला कर लिया था कि काठमांडू से पोखरा तक बस से यात्रा करेंगे।


वो कहते हैं, 'मैंने जब नेपाल जाने का प्लान बनाया तब नेपाल को लेकर काफी रिसर्च किया। मुझे पता चला कि देश में हवाई यात्रा कितनी अविश्वसनीय है। नेपाल में उपयोग किए जाने वाले अधिकांश विमानों को यूरोपीय हवाई क्षेत्र में जाने की अनुमति नहीं है। मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था, इसलिए मैंने डीलक्स बस लेने या कार बुक करने का फैसला किया है। 


मुझे वहां बस या कार से पहुंचने में लगभग 6 से 8 घंटे लगेंगे। मगर मैं थोड़ा सा समय बचाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में नहीं डाल सकता। दुर्घटना के बाद अब मुझे लग रहा है कि मैंने बिल्कुल सही फैसला किया है।


दुबई की रहने वाली शहना नजीर अपने परिवार के साथ कुछ समय पहले पोखरा घूमने आई थीं। ये शहर उन्हें बहुत पसंद आया और वो दोबारा यहां आना चाहती थीं लेकिन दुर्घटना की खबर ने उन्हें डरा दिया है।


वो कहती हैं, 'हमने पोखरा की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। लोग बेहद मिलनसार थे. मेरे पति ने वहां पैराग्लाइडिंग भी की थी। पोखरा एक शानदार शहर है और हम उम्मीद कर रहे थे कि दोबारा वहां जाएंगे लेकिन अब मैं इस बारे में निश्चिंत नहीं हूं।


पोखरा में रविवार को हुआ था भयंकर हादसा


पोखरा में रविवार सुबह यति एयरलाइंस का एक यात्री विमान आसमान में ही आग को गोला बन गया और देखते ही देखते क्रैश कर गया। विमान में सवार सभी 172 लोग मारे गए। इस हादसे की असल वजह सामने नहीं आई है।


कहा जा रहा है कि विमान को पूरब की तरफ से रनवे 30 पर लैंडिंग के आदेश मिले थे लेकिन एटीसी की बातों को काटकर विमान के पायलट कमल केसी ने पश्चिम की तरफ से रनवे 12 पर प्लेन को लैंड करने का फैसला किया।


 इसके कुछ समय बाद ही विमान क्रैश कर गया। हादसे के सही कारणों की जांच के लिए नेपाल की सरकार ने एक कमेटी का गठन कर दिया है जिसमें सहयोग के लिए फ्रांस से कुछ विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है।


नेपाल में हवाई यात्रा का इतिहास


नेपाल में हवाई यात्रा का इतिहास बेहद खराब रहा है। पिछले दस सालों में छह विमान दुर्घटनाएं हुई हैं. दुनिया की 14 चोटियों में से 8 नेपाल में हैं। नेपाल का पहाड़ी इलाका अचानक मौसम परिवर्तन का कारण बनता है।


नेपाल के हवाई इतिहास में अब तक 104 विमान हादसे हो चुके हैं। इससे पहले सबसे बड़ा विमान हादसा 31 साल पहले हुआ था जब एक प्लेन क्रैश में 167 लोगों की जान चली गई थी।

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