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बहराइच:चोरी गयी बाईक बरामदगी गुडवर्क या खबर का खंडन, कौतूहल का विषय बना पुलिस का प्रेस नोट जमकर हो रही किरकिरी




फ़राज़ अन्सारी

बहराइच। उत्तर प्रदेश पुलिस अपने गुडवर्क के लिए हो या न हो लेकिन अपने कारनामो के कारण आये दिन मीडिया सुर्खियों में छाई रहती है। 



चाहे 2018 में सम्भल मुठभेड़ में बन्दूक से फायर न होने पर मुंह से ही ठाएँ ठाएँ कि आवाज़ निकालने का मामला हो या खलीलाबादके डीआईजी के निरीक्षण के दौरान यूपी पुलिस के एक एसआई द्वारा बन्दूक की नली में गोली डालकर फायर करने का मामला हो और या फिर बहराइच पुलिस द्वारा मोटरसाइकिल चोरी को खबर उजागर होने के बाद दो घण्टे में बाइक बरामद कर घटना का ही खण्डन करने वाला प्रेसनोट जारी करना हो। 


इन दिनों इन कारनामो के कारण मित्र पुलिस कौतूहल का विषय बनी हूई है और खाकी की गरिमा खुद खाकीधारी ही तार-तार करते नज़र आ रहे हैं। जिससे आम जनमानस में भी पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है।

         

 ज्ञात हो कि साल 2018 में उत्तर प्रदेश के संभल में मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की पुलिस घेराबंदी कर चुकी थी, मगर जैसे ही फायरिंग की बारी आई, बंदूक ने धोखा दे दिया और फायरिंग नहीं हो पाई थी। ओस दौरान मुठभेड़ जैसी स्थित में पुलिस के सामने बदमाशों को डराने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं दिखा तो स्थिति देख पुलिसवालों ने बदमाशों में दहशत पैदा करने के लिए बंदूक से फायरिंग के बदले मुंह से ही 'ठांय-ठांय' की आवाज निकालनी शुरू कर दी थी। 


जिसके बाद इसका वीडियो सोशलमीडिया पर वायलर होने के बाद यूपी पुलिस की जमकर किरकिरी हूई थी। अभी यह मामला लोगों के ज़हनों से उतरा ही था कि इस बीच बीते दिसम्बर माह में बस्ती मंडल के डीआईजी आरके भारद्वाज थाना निरीक्षण करने निकले थे। 


इसी दौरान वह खलीलाबाद कोतवाली पहुंचे और उन्होंने पुलिसकर्मियों का कौशल देखने के लिए सभी से सर्विस हथियार ऑपरेट करके दिखाने को कहा। इस दौरान पुलिसकर्मियों के प्रयोग में आने वाले हथियार जैसे पिस्टल, टीयर गन आदि ऑपरेट कराए गए।



तभी इसी दौरान जब एक एसआई ने बंदूक चलाने की कोशिश की तो उन्हें समझ ही नहीं आया कि उसमें गोली कहां से डाली जाती है। उन्होंने फुल कॉन्फिडेंस से डीआईजी के सामने बंदूक की नली में गोली डाली और फायर करने लगा तो डीआईजी सहित दूसरे पुलिसकर्मी दंग रह गए और हंसने लगे। 


जिसके बाद इसका भी वीडियो सोशलमीडिया पर वायरल हुआ तो यूपी पुलिस फिर ट्रोल होने लगी। इन सबके सबके बीच अब बहराइच शहर के कोतवाली नगर क्षेत्र की बशीरगंज इलाके की पुलिस भी अब अपने कारनामो के कारण मीडिया सुर्खियों में है। 


जिसकी वजह खुद उसी के द्वारा जारी प्रेसनोट है जिसमे एक चोरी हुई बाइक को बरामद करने का दावा करते हुए पुलिस ने पीड़ित मोटरसाइकिल मालिक का एक वीडियो बयान बड़े ही नाटकीय ढंग से अपने आधिकारिक सोशलमीडिया प्लेटफार्म पर वायरल किया। 


इस वीडियो में पहले तो पीड़ित के स्वयं यह बयान दिया कि उसकी मोटरसाइकिल बुधवार रात्रि को बशीरगंज इलाके आए उनकी टीवीएस रोडॉन बाइक चोरी हुई थी जिसके बाद उन्होंने गुरुवार दोपहर एक बजे के करीब इसकी लिखित सूचना बशीरगंज चौकी पुलिस को दी थी। जिसके बाद पुलिस ने उनकी बाइक दो घण्टे में ढूंढ कर उनके हवाले कर दिया।


 इस वीडियो में मोटरसाइकिल मालिक ने पुलिस को धन्यवाद भी ज्ञापित किया। लेकिन पुलिस की किरकिरी तब होने लगी जब बहराइच पुलिस ने अपने इस गुडवर्क को दिखाने के लिए चोरी की खबर का खण्डन वाली प्रेसनोट जारी कर दी। आमतौर पर किसी घटना का शीघ्र अनावरण करने पर पुलिस सराहनीय कार्यों का बखान करने वाली प्रेसनोट जारी करती है लेकिन बशीरगंज पुलिस इन सब से अलग दिखी। 


पुलिस ने चोरी की घण्टा से सम्बंधित बाइक तो बरामद करने वाला 59 सेकेण्ड का पीड़ितों का बयान तो साझा कर दिया लेकिन मोटरसाइकिल चोरी को सूचना का खण्डन वाली प्रेसनोट जारी कर दी। अब सवाल यह उठता है कि लगातार बशीरगंज इलाके में चोरी की वारदातों पर अंकुश लगा पाने में नाकाम दरोगा जी खण्डन वाली प्रेसनोट के माध्यम से किसे छलने का प्रयास कर रहे हैं।


 पीड़ितों को, कप्तान साहब को या फिर अपनी जनता को देखने वाली बात होगी बीते दिनों बशीरगंज इलाके में हुई बड़ी बड़ी चोरी की वारदातों का अनावरण करने में नाकाम इलाकाई पुलिस पर एसपी साहब की गाज गिरती है या फिर ढांक के तीन पात की तरह जिम्मेदारों को अभयदान बरकरार रहेगा।

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