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टीटीपी ने पेशावर की मस्जिद में बहाई खून की नदियां, कमांडर की हत्‍या का लिया बदला, कौन है उमर खालिद?



उमेश तिवारी

काठमांडू / नेपाल:अफगानिस्‍तान से सटे पाकिस्तान के खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत के पेशावर शहर में तहरीक-ए-तालिबान के आतंकियों ने एक मस्जिद के अंदर बहुत ही भीषण आत्‍मघाती बम हमला किया है। 


इस बम हमले में अब तक कम से कम 47 लोगों की मौत हो गई है और 150 लोग घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्‍या अभी बहुत बढ़ सकती है। मरने वालों में काफी बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी शामिल हैं। 


इस बीच टीटीपी ने एक बयान जारी करके कहा कि उसने अपने कमांडर उमर खालिद खुरासानी की हत्‍या का बदला लेने के लिए यह खूनी हमला किया है। पाकिस्‍तानी सेना ने टीटीपी कमांडर की पिछले साल अगस्‍त में हत्‍या कर दी थी।


खबर के मुताबिक यह मस्जिद पेशावर के पुलिसलाइन से सटकर थी। बताया जा रहा है कि आत्‍मघाती बम हमलावर मस्जिद में नमाज के दौरान आगे की पंक्ति में बैठा हुआ था। जब बड़ी तादाद में नमाजी मस्जिद में जमा हुए तो उसने खुद को उड़ा दिया। 


इस हमले के बाद मस्जिद के अंदर हर तरफ तबाही मच गई। घटना के वायरल हो रहे वीडियो में नजर आ रहा है कि मस्जिद का बड़ा हिस्‍सा बर्बाद हो गया। यह विस्‍फोट इतना भयानक था कि आसपास की इमारतों के शीशे भी टूट गए। पूरे इलाके में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया गया है।


हमले का इस्‍लाम से कोई ताल्‍लुक नहीं: शहबाज


टीटीपी ने पेशावर के जिस इलाके में यह हमला किया है, उसे बहुत ही सुरक्षित माना जाता रहा है। यहीं पर पुलिस सचिवालय और अन्‍य सरकारी प्रतिष्‍ठान है। खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत में अभी राजनीतिक अस्थिरता का दौर चल रहा है और केयर टेकर सरकार है। 


इमरान के कहने पर उनकी पार्टी की सरकार ने इस्‍तीफा दे दिया था। सभी अस्‍पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हमले की निंदा की है। उन्‍होंने कहा कि आतंकी पाकिस्‍तान की रक्षा करने वाले लोगों को निशाना बनाकर देश में डर पैदा करना चाहते हैं।


शहबाज शरीफ ने कहा कि इस हमले का इस्‍लाम से कोई ताल्‍लुक नहीं है। पाकिस्‍तान का खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत टीटीपी आतंकियों का गढ़ है। ये आतंकी चाहते हैं कि पाकिस्‍तान सरकार कबायली इलाका उन्‍हें दे दे। यहां सरकार भी नाम मात्र की है और कई मंत्री तक टीटीपी से हफ्ता वसूलते हैं। 


एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट से मस्जिद का एक हिस्सा ढह गया है और माना जाता है कि कई लोग उसके मलबे के नीचे दबे हैं। घायलों की तादाद इतनी ज्‍यादा है कि स्‍थानीय लोगों से रक्‍तदान की अपील की गई है।


आईएसआई ने करवाई थी उमर खालिद की हत्‍या!


इस बीच टीटीपी मृत कमांडर उमर खालिद के भाई मुकर्रम खुरासानी और उसके करीबी सरबकफ ने एक बयान जारी करके कहा है कि उसके लोगों ने पेशावर में पुलिस को निशाना बनाने के लिए यह आत्‍मघाती बम हमला किया है। 


उसने कहा कि यह मेरे भाई की बीते अगस्‍त में अफगानिस्‍तान में की गई हत्‍या का बदला है। मुकर्रम टीटीपी नेतृत्‍व में काउंसिल मेंबर है और मोहम्‍मद झोब डिविजन का शैडो गवर्नर है। 


माना जाता है कि पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उमर खालिद की अफगानिस्‍तान के अंदर घुसकर हत्‍या कर दी थी। उमर खालिद पूर्व पत्रकार और कव‍ि भी था। उसने पाकिस्‍तान के कराची शहर के कई मदरसों में पढ़ाई की थी। उसका असली नाम अब्‍दुल वली मोहम्‍मद था।

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