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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी हमलावर हुई मोदी सरकार चला रही देश में दमनकारी चक्र:प्रमोद तिवारी




कुलदीप तिवारी 

लालगंज, प्रतापगढ़। कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य एवं पार्टी स्टीयरिंग कमेटी के मेंबर प्रमोद तिवारी ने बीबीसी के दिल्ली और मुम्बई कार्यालयों पर मंगलवार को सरकार द्वारा आयकर तथा ईडी के छापों की कार्यवाही को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर मोदी सरकार द्वारा कुठाराघात करार दिया गया है। सांसद प्रमोद तिवारी सरकार की इस कार्यवाही पर जबरदस्त हमलावर होते हुए कहा कि मोदी सरकार ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि वह लोकतंत्र मे अपने खिलाफ कोई आवाज बर्दास्त नही कर सकती। प्रमोद तिवारी ने कहा कि बीबीसी ने गुजरात के दंगो को लेकर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई है। बकौल प्रमोद तिवारी पहले तो सरकार ने इसे इसलिए रोकने का प्रयास किया क्योंकि उस समय पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इसके बावजूद प्रमोद तिवारी के मुताबिक जब बीबीसी ने डॉक्यूमेंट्री दिखला ही दी तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की संवैधानिक गारण्टी के बावजूद वह बीबीसी पर दमनकारी दमनचक्र पर अमादा हो उठी है। उन्होने कहा कि यह इ इत्तेफा नही हो सकता कि गुजरात दंगो के डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन होते ही सरकारी एजेन्सियां बीबीसी के दफ्तरों पर छापामारी शुरू कर दे। यहां कैम्प कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्र की इस दमनकारी अलोकतांत्रिक कार्यवाही की तल्ख आलोचना करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए कांग्रेस प्रेस की स्वायत्तता पर ऐसे दमनकारी सरकारी कार्यवाही के खिलाफ आवाज मुखर करेगी। वहीं राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने यूपी के कानपुर देहात के थाना रूरा के मड़ौली गांव में बुल्डोजर के नाम पर प्रशासन द्वारा फैलाए गए आतंक की कार्यवाही की भी तीखी आलोचना की है। उन्होनें कहा कि वहां कृष्णगोपाल दीक्षित के घर पर प्रशासन ने बुल्डोजर चला दिया जिसमें उनकी पत्नी तथा उनकी बेटी की मौत हो गयी और वह स्वयं तथा उनका पुत्र गंभीर रूप से घायल हुआ है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा और अन्य कई दल इस समय जाति और धर्म का जहर घोलकर सत्ता तो हासिल कर रहे हैं किंतु जिस तरह से चुनावी लाभ के लिए पहले धर्म के नाम पर और फिर मोदी युग मे अब जाति के नाम पर जो जहर बोया जा रहा है उसका दुष्परिणाम देश की जनता को भी अकारण भुगतना पड़ेगा। सांसद प्रमोद तिवारी ने कानपुर की घटना को पूरी तरह अमानवीय बताते हुए घटना के लिए दोषियों के विरूद्ध कडी वैधानिक कार्रवाई किये जाने की भी आवाज उठायी है। वहीं प्रमोद तिवारी ने पीड़ित परिवार को पचास लाख रूपये की आर्थिक सहायता एवं आवास तथा एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी भी दिये जाने की मांग सरकार से की है। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने इस घृणित घटना की न्यायिक जांच की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह इसलिए आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। उन्होने सरकार पर यह भी तंज कसा कि धर्म के नाम पर जब ये बुल्डोजर चलता था तो कुछ लोग खुश होते थे और अब यह बुल्डोजर अनुसूचित जाति, पिछडे वर्ग और ब्राम्हणों को निशाना बना रहा है। उन्होनें कहा कि बुल्डोजर की इस अमानवीय घटना के पीछे जहां जिम्मेदार प्रशासन दोषी है वहीं भाजपा की सरकार भी इसके लिए कम दोषी नहीं है। प्रेसवार्ता के दौरान राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के भी उस आब्जर्बेशन को भी स्वागत योग्य कहा है जिसके तहत हिंडनवर्ग की रिर्पोट में अडानी के संदर्भ में जो रहस्योद्घाटन हुआ है उसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता मे करायी जाय। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अडानी ने भारतीय जीवन बीमा निगम तथा भारतीय स्टेट बैंक सहित तमाम बैंको व जनता की गाढ़ी कमाई की जमा पूंजी के साथ छः-छः बंदरगाहों का उपयोग किया है। उन्होने स्पष्ट किया कि यह एक व्यापारिक परिवार का ही सवाल नहीं बल्कि देश की प्रतिष्ठा, सम्मान और उद्योग जगत के अर्न्तराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का भी देश का सवाल सरकार के सामने खड़ा हुआ है। उन्होेने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने साठ साल में निर्माण का जो ढांचा बनाया था और देश को मजबूती दी थी आज मोदी सरकार उसे लुटाकर अपने चंद पूंजीपति मित्रों की तिजोरी भर रही है। वार्ता के दौरान प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, सांगीपुर प्रमुख अशोक सिंह बब्लू भी मौजूद रहे। इसके पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी ने कैम्प कार्यालय पर जनसमस्याओं की सुनवाई भी की। वह नगर के दीवानी वार्ड के मनीपुर में हो रही सामूहिक श्रीराम कथा का श्रवण करने भी पहुंचे। इस मौके पर चेयरपर्सन प्रतिनिधि संतोष द्विवेदी, आशीष उपाध्याय, केडी मिश्र, छोटे लाल सरोज, पप्पू तिवारी, उदयशंकर दुबे, इं. सुनील पाण्डेय, डा. राजकुमार पाण्डेय, शिवाकांत मिश्र, मुरलीधर तिवारी, मुन्ना शुक्ल, शास्त्री सौरभ आदि रहे।

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