नेपाल में भारतीय पर्यटकों से बढ़ रहे लूट पाट और दुर्व्यवहार के मामले



उमेश तिवारी

महराजगंज:भारतीय पर्यटक इन दिनों नेपाल के पोखरा और काठमांडू शहर में घूमने के लिए जा रहे हैं। लेकिन तीन ऐसा मामला सामने आया है जिसमें भारतीय पर्यटकों को लूट का शिकार होना पड़ा।  तीनों घटनाए एक जैसी ही पशुपतिनाथ मंदिर के पास बंधक बनाकर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए गए। जिसमें पीड़ित नेपाल पुलिस के पास सहयोग के लिए जाते हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नही होती है।


बताते चलें कि नेपाल का होटल व्यवसाय पूरी तरह भारतीय और विदेशी पर्यटकों पर निर्भर है। जिसमें  80 प्रतिशत पर्यटक भारतीय होते हैं। भारतीय पर्यटकों को सुरक्षा देने की जवाबदेही किसी पर तय नहीं है। नेपाल सरकार की ओर से पर्यटकों को लुभाने और सुरक्षा के बड़े बड़े दावे बार बार किए जाते रहे हैं पर वहां ठीक उल्टा हो रहा है।


भारतीय पर्यटक कभी अवांछनीय तत्वों तथा कभी नेपाल पुलिस के शोषण का शिकार होते रहते हैं। 25 दिसंबर 2022 को नेपाल में भारतीय पर्यटकों के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। राजस्थान के पांच पर्यटकों के साथ काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के निकट एक होटल में बंधक बनाकर मारपीट कर 56 हजार की लूट हुई। उसके अगले दिन यूपी के मुजफ्फरनगर के छः भारतीय पर्यटकों के साथ पशुपतिनाथ मंदिर के निकट बंधक बनाकर एक लाख तैतीस हजार पैसे ट्रांसफर कराए गये।


पर्यटकों की शिकायत के बाद भी नेपाली पुलिस ने भारतीयों का कोई सहयोग नहीं किया। ठीक इसी तरह 23 फरवरी को घटित हुई पशुपतिनाथ मंदिर के निकट वाराणसी के पांच दोस्तों के साथ ठीक उसी प्रकार यह घटना हुई।


नेपाल लुम्बिनी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सीपी श्रेष्ठ ने धटना पर दुख जताते हुए बताया कि भारतीय पर्यटकों के साथ लूट की घटना शर्मशार करने वाली है। एक ही स्थान पर तीन घटनाओं का होना नेपाल टूरिज्म को प्रभावित करेगा। होटल एसोसिएशन की तरफ से एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही काठमांडू पुलिस से मिलकर सभी घटनाओं से उन्हें अवगत कराकर कार्यवाही की मांग करेगा।

इस संबंध में नेपाल पुलिस के कोई भी आला अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। वहीं सोनौली कोतवाली प्रभारी अभिषेक सिंह का कहना है कि तीनों घटनाओं से नेपाल की बेलहिया पुलिस और जिला पुलिस को अवगत करा दिया गया है। नेपाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।


प्रलोभन देकर हो रही दुर्व्यवहार की घटनाए


इस संबंध में सोनौली भाजपा मंडल उपाध्यक्ष प्रेम जायसवाल का कहना है कि  नेपाल में ज्यादातर लोग घूमने फिरने के लिए ही जाते हैं। जिससे उनका पर्यटन व्यवसाय बढ़ता है। भारतीय पर्यटकों के साथ हुई लूट की घटना पूरी तरह निन्दनीय है।नेपाल सरकार को इस पर रोक लगाना चाहिए। बीते दो माह के अंदर काठमांडू में जो भी लूट की घटनाएं हुईं पुलिस को उसका पर्दाफास करना चाहिए ताकि दुबारा इस तरह की घटना न हो।

उन्होंने आगे कहा कि नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटक पशुपतिनाथ मंदिर दर्शन के लिए पहुंच ही जाते है। काठमांडू में एक संगठित गिरोह है  जो भारतीय पर्यटकों को टारगेट कर रहा है तथा सभी घटनाएं एक जैसी हो रही हैं। इसके साथ ही भारतीय पर्यटक भैरहवा, लुंबिनी , बुटवल, पोखरा में दुर्व्यवहार एवं आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। डांस बार मसाज का प्रलोभन देकर पर्यटकों को लूटा जा रहा  है।

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