अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के पचपेड़वा में रविवार को गायत्री शक्तिपीठ पचपेड़वा में आज परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्री राम शर्मा आचार्य द्वारा लिखित वांग्मय जिसके 108 खंड होंगे, वेद और प्रज्ञा पुराण की स्थापना गायत्री शक्तिपीठ के संस्थापक रहे स्वर्गीय सीताराम जायसवाल की स्मृति में हुई ।
पुस्तकालय का विमोचन करते हुए जनपद समन्वयक सत्य प्रकाश शुक्ला ने 8 मार्च को बताया कि 108 खंडों के वांग्मय जिसमे रामायण महाभारत पुराण और विभिन्न विषयों चिकित्सा, राष्ट्र का इतिहास, भारतीय दर्शन लगभग सभी विषय समाहित हैं पुस्तकालय में उपलब्ध होंगे । आगंतुक विशिष्ट जनों को रविकांत मिश्रा, संजय जायसवाल और अजय चौधरी ने बैज (अभिनन्दन प्रतीक चिन्ह) लगाकर स्वागत किया. पुस्तकालय रजिस्टर में सीताराम वर्मा जी द्वारा गायत्री मंत्र का अंकन किया गया । गायत्री शक्तिपीठ तुलसीपुर के परिव्राजक श्रीराम भारती, पचपेड़वा के कृष्ण कुमार पांडे, शक्तिपीठ पचपेड़वा के परिव्राजक रामकुमार, उप जिला समन्वयक सीताराम वर्मा, स्थानीय अध्यापक, कवि रविकांत मिश्रा 'कुंदन' , गैसड़ी गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन राधे गोविन्द गुप्ता, राजकुमार मोदनवाल, राजेंद्र पांडे, वृंदावन जायसवाल, युवा परिजन सचिन सोनी और जनपद समन्वयक सत्य प्रकाश शुक्ला की उपस्थिति में सभी संस्कार संपन्न हुए । देवमंच पर गायत्री शक्तिपीठ बलरामपुर की रानी मिश्रा, कृष्ण कुमार पांडे और रामकुमार ने सभी संस्कार संपन्न कराए । आयोजन में महिला मंडल जनपद सिद्धार्थनगर की बहनें सविता सिंह, सरिता जायसवाल, प्रमिला सिंह, नीलम श्रीवास्तव, सुशीला श्रीवास्तव और आरती जायसवाल के साथ बलरामपुर की बहने प्रीति कश्यप और रानी मिश्रा की उपस्थिति विशेष सराहनीय रही ।
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