अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ अख्तर रसूल खान ने रोजा रखने के चमत्कारिक एवं साइंटिफिक फायदे बताया है ।
डॉ अख्तर रसूल खान ने 8 मार्च को बताया कि रोज़ा (उपवास) रखना न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके कई वैज्ञानिक रूप से सिद्ध स्वास्थ्य लाभ भी हैं। यह शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालने (Detox), पाचन तंत्र को आराम देने, वजन नियंत्रित करने, सूजन कम करने और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करने में मदद करता है। यह 'ऑटोफैगी' (कोशिकाओं की मरम्मत) प्रक्रिया को भी सक्रिय करता है। रोज़ा रखने उपवास के मुख्य वैज्ञानिक फायदे (Scientific Benefits of Fasting):
वजन प्रबंधन: रोज़ा रखने से शरीर की चर्बी कम होती है और यह चयापचय (metabolism) में सुधार करता है।
शरीर का विषहरण (Detoxification): उपवास के दौरान पाचन तंत्र को आराम मिलता है, जिससे शरीर अंगों (जैसे यकृत, गुर्दे) की मरम्मत और सफाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है।
हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल: अनुसंधान से पता चलता है कि रोज़ा रखने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम हो सकता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ सकता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। ऑटोफैगी (कोशिकाओं की मरम्मत): यह प्रक्रिया शरीर की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को पुनर्जीवित (regenerate) करती है, जिससे बुढ़ापे के प्रभाव धीमे हो सकते हैं। सूजन और तनाव में कमी: रोज़ा रखने से शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन (inflammation) पैदा करने वाले कारकों में कमी आती है।
मस्तिष्क की कार्यक्षमता: यह एकाग्रता (concentration) और मानसिक स्पष्टता को बढ़ा सकता है।
वैज्ञानिक शोध के अनुसार चरणबद्ध प्रभाव:
पहले कुछ दिन: रक्त शर्करा (sugar) और रक्तचाप (BP) में कमी आती है, शरीर की सफाई प्रक्रिया शुरू होती है। इस दौरान सिरदर्द या चक्कर आ सकते हैं। अगले दिन: शरीर उपवास के अनुकूल हो जाता है, अंगों की मरम्मत होती है और ऊर्जा का स्तर सुधरता है।
आखिरी चरण: शरीर पूरी तरह से अनुकूलित हो जाता है और विषाक्त पदार्थों के निकलने के बाद अधिकतम क्षमता से कार्य करता है।
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