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देश की साख बचाने के लिए विपक्षी एकता को मजबूती आवश्यक: प्रमोद तिवारी



कुलदीप तिवारी 

लालगंज, प्रतापगढ़। राज्यसभा मे विपक्ष के उपनेता, सांसद एवं स्टीयरिंग कमेटी के सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा है कि विपक्षी दलो की एकता का मुख्य ध्येय भाजपा के द्वारा देश की हर क्षेत्र में गिरायी जा रही साख से उपजी चिन्ता को समाप्त करना है। 


उन्होनें कहा कि आतंकवाद तथा सीमा सुरक्षा समेत मंहगाई आदि मुददो पर विफल साबित हो रही मोदी सरकार असफलता तथा लगातार विफलताओं से बचने के लिए रोज वास्तविक मुददो को दबाने के लिए नये नये हथकण्डे अपना रही है। राज्यसभा मे विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार भावनात्मक मुददे उठाने में जिस तरह से प्रयत्नशील दिखा करती है उससे यह जगजाहिर हो गया है कि वह संविधान की स्थापित मर्यादाओं के विपरीत जनता को भ्रमित कर रही है। 


रविवार की शाम लालगंज पहुंचे राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने देश का संविधान इसलिए खतरे मे है क्योंकि यह सरकार जनता की आवाज दबाने के लिए संविधान की मूल भावना के विपरीत आचरण कर रही है। उन्होनें कहा कि बेरोजगारी, महंगाई तथा अराजकता व महिला उत्पीड़न की घटनाएं आम हो गयी है। वहीं सीमा पर भी चीन का तनाव कम करने मे यह सरकार एक कदम भी आगे नही बढ़ सकी।


 उन्होनें कहा कि बाजार में मध्यम वर्ग तथा सामान्य आय का गरीब तबका खाद्यान्न पदार्थो में बेतहाशा मंहगाई से गृहस्थी चलाने में बेबस हो उठा है। वहीं विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने किसानों के साथ सरकार की उपेक्षा का हवाला देते हुए कहा कि छुटटा मवेशियो से किसान की फसल दिनरात बर्बाद हो रही है। 


बीजेपी सरकार पर प्रमोद तिवारी ने यह भी हमला बोला कि सरकार किसानो को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी तो दूर उसकी आमदनी की बढोत्तरी तक के हर रास्ते पर मंहगाई और फसल की असुरक्षा का बोझ लाद चुकी है। सांसद प्रमोद तिवारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हुए सोनिया गांधी के प्रति कर्नाटक मे भाजपा विधायक के द्वारा की गयी अपमानजनक टिप्पणी को लेकर जनता के बीच नारी शक्ति के अपमान के मुददे पर मजबूती से पक्ष रखने को कहा।


 इस मौके पर भगवती प्रसाद तिवारी, ज्ञानप्रकाश शुक्ल, अमित सिंह पंकज, अशोक सिंह बब्लू, केडी मिश्र, महमूद आलम, नीरज सिंह, सुधाकर पाण्डेय, डॉ. प्रवीन सागर शुक्ल, रवीन्द्र मिश्र, दयाराम वर्मा, हरिश्चंद्र सरोज, लालजी यादव, रघुनाथ सरोज, भुवनेश्वर शुक्ल, सुनील त्रिपाठी आदि रहे।

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