Nekay chunav:धौरहरा में अध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर चुनावी घमासान



एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों ने कुर्सी पर कब्जा जमाया

रमेश मिश्रा

धौरहरा-लखीमपुरखीरी:नगर पंचायत धौरहरा के अध्यक्ष पद की कुर्सी को लेकर चुनावी घमासान मचा है। दावेदार हार जीत के लिए पुरजोर आजमाइश कर रहे हैं।


 खास बात यह है कि यहां एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों ने कुर्सी पर कब्जा जमाया है। 71 साल पुरानी धौरहरा नगर पंचायत को अब तक नौ अध्यक्ष मिले हैं। जिनमें से धौरहरा के प्रभावशाली खान परिवार का दबदबा रहा है। इस बार ओबीसी के लिए आरक्षित सीट होने की वजह से 3 पीढ़ियों से धौरहरा नगर पंचायत की हुकूमत करता आ रहा यह परिवार मैदान में तो नहीं है। पर मैदान के बाहर लोगों की चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।



यूं तो धौरहरा नगर पंचायत का गठन 1952 में हुआ था। उस समय लाला राजबहादुर को लोगों ने उनके समर्थन में हाथ उठाकर अध्यक्ष बना दिया था। पर 1955 में हुए नगर पंचायत के पहले आमचुनाव में धौरहरा टाउन के नसरतउल्ला खां अन्य प्रत्याशियों पर भारी पड़े और चुनाव जीतकर नगर पंचायत के पहले निर्वाचित अध्यक्ष होने का गौरव पाया। नसरतउल्ला खां पूरे पांच साल तक अध्यक्ष रहे। जिनके बाद 1988 के चुनाव में नसरतउल्ला खां के बेटे आफताब खां चुनाव मैदान में उतरे और धौरहरा के इतिहास में पिता के बेटे के अध्यक्ष बनने का रिकार्ड कायम किया। 


हालांकि आफताब खां अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके थे। इसके बाद 2017 में आफताब खां की पुत्रवधू और नसरतउल्ला खां की पौत्रवधु सना खान ने चुनावी मैदान में किस्मत आजमाई और जीत हासिल की। सना खान की इस जीत के साथ ही धौरहरा की तारीख में तीन पीढ़ियों के हुकूमत की कहानी दर्ज हो गई। 



इस बार धौरहरा नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है। ऐसे में यह परिवार चुनावी मैदान से भले ही बाहर है। पर धौरहरा टाउन की चुनावी फिजां में इस खानदान के चर्चे बराबर होते रहते हैं।


71 साल पुरानी धौरहरा नगर पंचायत को अब तक नौ अध्यक्ष मिल चुके हैं। जिनमें से दो महिलाएं भी शामिल हैं। 71 साल के कार्यकाल में नौ अध्यक्षों ने जहां 49 साल तक हुकूमत की वहीं 1973 से 1988 और 1991 से 1995 तक करीब  वर्षों तक नगर पंचायत के प्रशासक एसडीएम रहे। 


धौरहरा नगर पंचायत के अब तक के अध्यक्ष


1- लाला राजबहादुर (1952 में मनोनीत)

2- नसरतउल्ला खां (1955 में निर्वाचित)

3- लक्ष्मी नारायण निगम (1955 से 1965 तक)

4-ताजदार खां (1970 में निर्वाचित)

5- आफताब अहमद खां (1988 में निर्वाचित)

6- पुत्तन खां (1995 और 2006 में निर्वाचित)

7- शमा खान (2000 में निर्वाचित)

8- राजीव जायसवाल ( 2012 में निर्वाचित)

9- सना खान (2017 में निर्वाचित)

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