सुनील उपाध्याय
बस्ती।जिले के दुबौलिया मे चल रहे श्रीमद् देवी भागवत कथा सुनने से सारे कष्ट दूर हो जाते है। और जीवन के अंतिम काल में मोक्ष के लिए स्वर्ग का दरवाजा खुल जाता है। कथा ही मानव को भवसागर पार कराती है। उपाध्यायपुरा बैरागल में चल रही भागवत कथा के पांचवे दिन कथा वाचक पंडित राजकुमार शरणानंद जी महराज ने भक्तों का रसपान कराते हुए कहा। कि जहा भागवत कथा व पूजा होती है। उस घर में लक्ष्मी नारायण की कृपा सदैव बनी रहती है। जीवन के बंधन से मुक्ति का एक मार्ग श्रीमद् भागवत कथा श्रवण ही है। इससे भक्तों की सभी परेशानिया दूर हो जाती है। धु्रव प्रसंग की कथा सुनाते हुए कहा कि धु्रव की सौतेली मा सुरुचि द्वारा अपमानित करने पर भी उसकी मा सुनीता ने धैर्य नहीं खोया जिससे संकट टल गया। धु्रव ने तपस्या के बल पर हरि को प्रसन्न कर लिया। भक्त प्रह्लाद के प्राणों की रक्षा के लिए भगवान ने खंभे में अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया। भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं। बस जरूरत है उन्हें सच्चे मन से याद करने की।इस मौके पर मुख्य यजमान श्रीकांत उपाध्याय,प्रेमप्रकाश उपाध्याय,कृष्ण कांत,पप्पू,हृदय राम पाठक,कृष्ण मणि उपाध्याय,संतोष पाठक,अम्बरीष,विमल उपाध्याय,राजू उपाध्याय,राहुल, पिंटू,पंकज,हर्षित,राजकुमार आदि लोग मौजूद रहे।


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