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प्रतापगढ़ में भी फैला तमिलनाडु राज्य के साइबर अपराधियों जाल, कॉल रिकॉर्डिंग के बाद हुआ खुलासा



वेदव्यास त्रिपाठी 

प्रतापगढ़ में भी दूसरे प्रदेशों के साइबर क्राइम अपराधी सक्रिय हैं।साइबर क्राइम का बहुत तरीका लोगों ने देखा होगा कहीं ओटीपी द्वारा पैसा निकालते हैं तो कहीं टावर के नाम पर फ्रॉड करते हैं तो कहीं फर्जी बैंक कर्मी बनकर कर फ्रॉड करते हैं,



लेकिन साइबर अपराधियों ने नया तरीका शुरू कर दिया है ऐसा एक मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के निवासी है जो की पेशे से अधिवक्ता एवं पत्रकार है उनको ठगी का शिकार बनाने का प्रयास किया,क्योंकि वह पेशे से पत्रकार एवं अधिवक्ता है इसलिए साइबर अपराधियों के मंसूबों को पहले से ही जानता थे।



 इसलिए उन्होंने साइबर अपराधी के फोन कॉल को रिकॉर्ड कर लिया।आपको बता दें शिकायतकर्ता अधिवक्ता ने बताया कि कल दिन में पोस्ट ऑफिस से डाकिया का कॉल आया की शिकायतकर्ता के नाम से एक रजिस्ट्री आई है जो कि तमिलनाडु से आई थी और जब रजिस्ट्री मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने रजिस्ट्री लिफाफा खोला तो उसके अंदर कंपनी रेयर हर्बल रिसर्च सेंटर प्राइवेट लिमिटेड जो कि तमिलनाडु राज्य में स्थित है ।



रजिस्ट्री के लिफाफे के अंदर कंपनी का फार्म,एक इनाम का कूपन था और उसमें कंपनी के कॉल सेंटर का नंबर 9878399346 दिया गया था,शिकायतकर्ता ने जब बीते कल शाम को कंपनी के नंबर पर कॉल किया तो अमित कुमार नाम के व्यक्ति ने फोन पर कहा कि आप कल सुबह 10 बजे कॉल करिएगा तब आपको हम कंपनी के बारे में बता पाएंगे और इनाम के बारे में भी।


उसके बाद आज सुबह लगभग 10 बजे शिकायतकर्ता ने जब उस नंबर पर फिर कॉल किया तो अमित कुमार सिंह के नाम के साइबर क्राइम अपराधी ने पहले तो इनाम की राशि बताएं कि आपका 14,99,000 का पहला इनाम लगा है जब शिकायतकर्ता ने आगे का कंपनी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि अगर आपको इनाम की राशि या कार लेनी है तो कंपनी की कुछ पॉलिसी को फॉलो करना होगा। 



अमित कुमार सिंह नाम के साइबर अपराधी ने कहा कि आपको अगर गाड़ी चाहिए तो एडवांस में ₹18000 बुकिंग का आपको पेमेंट कंपनी को करना होगा उसके बाद ही आपको गाड़ी मिल पाएगी जिसके बाद शिकायतकर्ता अधिवक्ता एवं पत्रकार ने साइबर अपराधी की बात को भांप लिया था और एडवांस पेमेंट देने से मना कर दिया और कॉल रिकॉर्डिंग के माध्यम से साइबर क्राइम अमित कुमार सिंह की पूरी बात को रिकॉर्ड कर लिया था सबूत के लिए।



जैसे ही साइबर अपराधी अमित कुमार सिंह को पूरी बात पता लग गई कि शिकायतकर्ता उनकी चाल को समझ गया है और जान गया है तो उसने गुस्से शिकायतकर्ता को धमकी देते हुए में कॉल कट कर दिया। 



जिसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल और एसपी पूर्वी विद्यासागर मिश्रा को व्हाट्सएप पर मैसेज कर पूरे घटना की शिकायत की और कॉल रिकॉर्डिंग सहित रजिस्ट्री का लिफाफा सहित सभी जुड़े दस्तावेज को व्हाट्सएप कर दिया है।

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