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बैंकों में शासकीय योजनाओं की लम्बित पत्रावलियॉ में रूचि लें और अन्यथा होगी कार्रवाई:जिलाधिकारी



वेदव्यास त्रिपाठी 

प्रतापगढ़। जिलाधिकारी प्रकाश चन्द्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कल देर सायंकाल कैम्प कार्यालय के मानस सभागार में बैंकों की जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) की बैठक सम्पन्न हुई। किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा में पाया गया कि वर्ष 2023-24 में रबी व खरीफ की फसल के लिये कुल 22081 भौतिक आवेदन स्वीकृत हुये एवं कुल राशि 23352.55 लाख का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। मत्स्य पालन केसीसी योजना में 1444 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष 43 पत्रावलियॉ बैंकों को प्रेषित की गयी जिनमें 12 पत्रावलियों में 18.70 लाख का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। योजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये मुख्य कार्यपालक अधिकारी मत्स्य विकास कुमार दीपांकर को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। पशुपालन केसीसी योजना की समीक्षा में 13701 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष 2125 पत्रावलियॉ बैंकों को विभिन्न शाखाओं में प्रेषित की गयी जिनमें 1951 पत्रावलियों का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। योजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि पशुपालन केसीसी योजना में अधिक से अधिक लाभार्थियों की पत्रावलियॉ बैंकों को प्रेषित करें जिससे योजना का लाभ लाभार्थी को मिल सके। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा में पाया गया कि भारतीय स्टेट बैंक एवं बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के द्वितीय किस्त के ऋण आवेदन पत्र को अधिक संख्या में अस्वीकृत करने के प्रकरण पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये भारतीय स्टेट बैंक एवं बैंफ ऑफ बड़ौदा के मैनेजर के विरूद्ध कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया।  

बैठक में जिलााधकारी मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजागर योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, एक जनपद एक उत्पाद, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक एवं सभी बैंकों के समन्वयकों/मैनेजर को निर्देशित किया कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जो भी पत्रावलियॉ प्रेषित की जाती है उसमें बैंकों द्वारा विभिन्न प्रकार की आपत्तियॉ लगाकर ऋण पत्रावलियों को अस्वीकृत कर दिया जाता है यह स्थिति ठीक नही है, ऋण पत्रालियों हेतु जो भी मानक शासन द्वारा निर्धारित किये गये है उसी के अनुरूप लाभार्थियों से कागजात मांगे जाये और यदि दिये गये कागजात में कोई कमी है तो उसे अवश्य सूचित करें जिससे वह दुरूस्त किया जा सके, बेवजह लाभार्थियों के ऋण पत्रावलियों को अस्वीकृत न किया जाये, अन्यथा की दशा में सम्बन्धित बैकों के मैनेजर/बैंक समन्वयकों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित किया जायेगा। जनपद में सीडी रेशियों की प्रगति कम पायी गयी जिस पर जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देशित किया कि सीडी रेशियों की प्रगति बढ़ायी जाये। जिलाधिकारी ने बैकों के जिला समन्वयकों एवं सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैंकों में शासकीय योजनाओं की लम्बित पत्रावलियॉ में रूचि लें और लाभार्थियों को लाभान्वित करायें, लापरवाही कदापि बन बरते अन्यथा सम्बन्धित के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) त्रिभुवन विश्वकर्मा, अग्रणी जिला प्रबन्धक गोपाल शेखर झा सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे।

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