आरडीआर पांडे
मनकापुर(गोंडा)।रफी नगर में स्थित विवाह वाटिका में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी भागवत कथा में बुधवार को व्यास गौरव शशांक कृष्ण कौशल जी महाराज ने भागवत पुराण कथा में कंस वध का वर्णन करते हुए कहा कि श्री कृष्ण ने चाणूर को और बलराम ने मुष्टिक को अपने धाम बैकुंठ पहुंचाने के पश्चात श्री कृष्ण ने कंस को सिंहासन से उसके केश को पकड़ कर उसे घसीटा और उसके भूमि पर गिरते ही कृष्ण ने उसके हृदय पर जोरदार मुक्का मारकर उसके प्राण ले लिए।
कथा के दौरान शशांक जी महाराज ने रुक्मिणी विवाह का वर्णन करते हुये कहा कि रुक्मिणी प्रभु की पत्नी व सेविका थी और राधा जी प्रेमिका थी। माता रुक्मिणी ने पत्नी धर्म निभाया तो श्री राधा ने प्रेमिका का धर्म। रुक्मणी जी का प्रभु ने हरण करने के बाद विवाह किया था।मोन्टी नटराजन ग्रुप के कलाकारों ने महारास,कंस वध,रुक्मिणी विवाह का सजीव झांकी प्रस्तुत किया।इस मौके पर हृदय चंद गुप्ता,शिवांश,रुद्राक्ष,दिव्यांश,नीशू रस्तोगी,राकेश कुमार,प्रज्ञा,बिभू व यजमान बनारसी लाल साहू व उनकी पत्नी निर्मला साहू,बनवारी लाल साहू,पंडित रंग नाथ त्रिपाठी,जेपी शुक्ला,मृत्युंजय गुप्ता,पदुम्मन गुप्ता,आदर्श गुप्ता,रोहित गुप्ता,राज साहू,संजय साहू,वैभब सिंह,गोपी हांडा,चेयरमैन दुर्गेश कुमार उर्फ बबलू सोनी,मनोज जायसवाल,सचिदानंद गुप्ता आदि श्रोतागण मौजूद रहे।



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