अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के भगवतीगंज में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचक राघवाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को ईश्वर भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने भक्त प्रहलाद और ध्रुव की प्रेरणादायक कथाएं सुनाई, जिनमें संघर्ष, आस्था और भक्ति की गहराई झलकती है।
इससे पहले मुख्य यजमान सत्यवती मिश्रा, राजेंद्र मिश्रा, समाजसेवी संजय मिश्रा व आनन्य गौरव मिश्रा आदि ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती उतारी।
पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने कथा स्थल पर पहुंच कर पूज्य संत स्वामी राघवाचार्य जी महराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा ब्यास ने पूर्व सांसद को अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। पूर्व सांसद श्री मिश्र ने कहा की ये हम सभी का सौभाग्य है की इतने प्रकांड्य विद्वान की कथा अपने नगर में हो रही है। सभी को इसका पुण्य लाभ लेना चाहिए। कथा वाचक ने कहा कि भक्ति मार्ग पर चलना जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं। केवल वही इस मार्ग पर टिक पाता है, जिसमें सच्ची श्रद्धा और धैर्य होता है। उन्होंने भक्त प्रहलाद का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें पहाड़ से गिराया गया, समुद्र में फेंका गया, विष दिया गया और कालकोठरी में बंद किया गया, लेकिन उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं आई। इसलिए भगवान ने नरसिंह अवतार लेकर अपने भक्त की रक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रहलाद को गर्भ में ही ब्रह्मज्ञान प्राप्त हो गया था। जैसे अभिमन्यु ने चक्रव्यूह भेदन की विद्या मां के गर्भ में सीखी, वैसे ही प्रहलाद भी अपनी माता के माध्यम से संस्कारवान बने। कथा में ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कहाकि ध्रुव की मां सुनीति ने उसे भगवान की शरण में जाने की प्रेरणा दी। बालक ध्रुव ने घर छोड़कर मधुवन में कठोर तपस्या की और भगवान विष्णु को प्रसन्न कर ध्रुवलोक प्राप्त किया। आज भी आकाश में चमकता ध्रुव तारा उनकी भक्ति और तपस्या का प्रतीक है। कथा समापन पर हुए भजनों की धुन पर श्रद्धालु खूब झूमते रहे। कथा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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