अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर पुलिस ने शुक्रवार को थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर मध्यान्ह भोजन योजना का ग्यारह करोड़ से अधिक सरकारी धन का गबन करने की घटना के संबंध में अभियोग पंजीकृत कर 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है ।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने 9 जनवरी को जानकारी दी कि 26 नवंबर 2025 को शुभम शुक्ला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जनपद बलरामपुर की जांचोपरान्त तहरीर दिया गया कि आरोपियों द्वारा मध्यान्ह भोजन योजना (डीसी एमडीएम) द्वारा कई व्यक्तियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी करते हुये प्रथम दृष्टया ग्यारह करोड़ से अधिक सरकारी धन का गबन करने के सम्बन्ध में थाना कोतवाली नगर पर सुसंगत धाराओं में पूर्व में गिफ्तार डीसी एमडीएम फिरोज अहमद खान सहित 45 लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है । उन्होंने बताया कि 09 जनवरी 2026 को शेष अभियुक्तों के गिरफ्तारी हेतु थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम द्वारा मिलने के संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही थी कि अभियुक्त नूरुल हसन खान पुत्र करम हुसैन खान निवासी त्रिकोलिया थाना पचपेड़वा जनपद बलरामपुर व गुलाम गौसुल बरा पुत्र अब्दुल रशीद निवासी गुलरिहा थाना इटवा जनपद सिद्धार्थनगर को बिजलीपुर बाईपास से गिरफ्तार कर न्यायालय रवाना किया गया । बताते चलें कि इस प्रकरण में 07 अभियुक्तों (फिरोज अहमद पुत्र जहीउद्दीन निवासी बरगदवा सैफ थाना पचपेड़वा जनपद बलरामपुर, अशोक कुमार गुप्ता पुत्र बाबूलाल गुप्ता निवासी बलुआ बलुई थाना को0 देहात जनपद बलरामपुर, नसीम अहमद पुत्र लाल मोहम्मद निवासी चयपुरवा थाना गैसड़ी जनपद बलरामपुर, मो0 अहमदुल कादरी पुत्र मो0 हफीजुल्ला नईमी निवासी मध्यनगर थाना पचपेड़वा जनपद बलरामपुर, मलिक मुन्नवर पुत्र मलिक भिखुल्लाह निवासी धुसवा पो0 इटईरामपुर थाना गैड़ास बुजुर्ग जनपद बलरामपुर, साहेबराम पुत्र कन्हैया यादव निवासी हरिहर नगर थाना महराजगंज तराई जनपद बलरामपुर तथा दानिश पुत्र मोबीन निवासी महराजगंज तराई थाना महराजगंज तराई जनपद बलरामपुर) की पूर्व में भी गिरफ्तारी हो चुकी है । अभियुक्त नूरल हसन खां, गुलाम गौसुल बरा ने पूछताछ में बताया की हम दोनों लोग फिरोज अहमद खां जिला समन्वयक, मध्यान्ह भोजन योजना (डीसी एनडीएम) बलरामपुर के साथ मिलकर बेसिक शिक्षा विभाग के आई०वी०आर०एस० पोर्टल से विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या को ज्ञात करके छात्रों की संख्या के सापेक्ष शासन द्वारा निर्धारित कन्वर्जन कास्ट के गुणान्क में धनराशि की गणना कर एक्सल सीट तैयार की जाती थी तथा बीएसए से अग्रसारित कराकर वित्त लेखा अधिकारी बेसिक शिक्षा से परीक्षित कराकर स्वीकृति हेतु जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाती थी। एक्सल सीट को जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित कर दिये जाने के उपरान्त उस एक्सल सीट को पी०एफ०एम०एस० पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाना चाहिए, ताकि एक्सल सीट पर अंकित धनराशि विद्यालयों के खाते में पहुँच जाय, परन्तु इस स्तर पर मूल एक्सल सीट को अपलोड न करके अपने सहयोगी विद्यालयों के खातों में अंकित धनराशि को बढ़ाकर उसी बढ़ायी हुयी धनराशि के सापेक्ष धनराशि अन्य विद्यालयों के खातों से कम कर दी जाती थी, जिससे जिलाधिकारी द्वारा अनुमोदित धनराशि में कोई अंतर नहीं आता था। इस प्रकार कूट रचना के फलस्वरूप जिन विद्यालयों में धनराशि बढ़ाकर भेजी जाती थी, उन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान व अभिभावक समिति के अध्यक्ष द्वारा धनराशि को निकालकर आपस में बांट लिया जाता था। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, उ0नि0 सन्तोष कुमार सिंह थाना को0 नगर बलरामपुर, हे0का0 जयमंगल यादव थाना को0 नगर बलरामपुर, का0 मो0 शाहिद थाना को0 नगर बलरामपुर तथा का0 कमलेश यादव थाना को0 नगर बलरामपुर शामिल थे ।
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