अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में एमएलके पीजी कॉलेज के आदि संस्थापक महाराजा सर पाटेश्वरी प्रसाद सिंह की स्मृति में आयोजित संस्थापक सप्ताह समारोह का शुभारंभ रविवार को हुआ। समारोह के पहले दिन रंगोली, संस्कृत श्लोक व एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
22 फरवरी को आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ महाविद्यालय प्राचार्य प्रो0 जे पी पाण्डेय, मुख्य नियंता प्रो0 वीणा सिंह व सांस्कृतिक निदेशक प्रो0 रेखा विश्वकर्मा ने दीप प्रज्वलित एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर के किया। उपस्थित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए प्राचार्य प्रो0 पाण्डेय ने कहा कि प्रतियोगिता में हार जीत से ज्यादा मायने रखता है किसी भी प्रतियोगिता में अपनी कौशलता का प्रदर्शन करना। मुख्य नियंता प्रो0 वीणा सिंह ने सभी का स्वागत किया जबकि सांस्कृतिक निदेशक प्रो0 रेखा विश्वकर्मा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ आकांक्षा त्रिपाठी के संयोजकत्व में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता की निर्णायक महिमा सोनी, प्रतीची सिंह व सीमा पाण्डेय ने बीए तृतीय वर्ष के सुरेन्द्र यादव को प्रथम, बीए द्वितीय वर्ष की रजनी यादव को द्वितीय व बीएड प्रथम वर्ष की शगुन यादव को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
डॉ पूजा मिश्रा के संयोजकत्व में आयोजित संस्कृत श्लोक प्रतियोगिता के निर्णायक पूजा मिश्रा, डॉ अवनीन्द्र दीक्षित व डॉ अभयनाथ ठाकुर ने एम ए द्वितीय वर्ष नितिन त्रिपाठी को प्रथम, एम ए द्वितीय वर्ष की शिखा पाण्डेय व बीएड द्वितीय वर्ष की शगुन को संयुक्त रूप से द्वितीय, बीए तृतीय वर्ष के राहुल प्रजापति को तृतीय एवं बीए तृतीय वर्ष की ही अनन्या गुप्ता को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। मणिका मिश्रा के संयोजकत्व में एकल नृत्य प्रतियोगिता दो वर्गों में आयोजित की गई। निर्णायक लेफ्टिनेंट(डॉ) देवेन्द्र कुमार चौहान, मणिका मिश्रा व सौम्या शुक्ला ने एम ए द्वितीय की शिखा पाण्डेय व बीए तृतीय की प्रिया कश्यप को संयुक्त रूप से प्रथम, बीएससी प्रथम वर्ष की मुस्कान सोनी को द्वितीय तथा बीए तृतीय वर्ष की ही स्नेहा गुप्ता को तृतीय पुरस्कार तथा छात्र वर्ग में बीएससी प्रथम वर्ष के अल्ताफ रजा को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया जबकि द्वितीय व तृतीय स्थान के लिए कोई भी प्रतिभागी उपयुक्त नहीं पाया गया। संचालन अतुल मिश्र व अनिल पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के कई शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
एक टिप्पणी भेजें
0 टिप्पणियाँ