अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर के एमएलके पीजी कालेज में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन गुरुवार को स्वयंसेवक तथा स्वयं सेविकाओं द्वारा मतदाता जागरूकता रैली निकाली गई ।
12 मार्च को प्राचार्य प्रो जनार्दन प्रसाद पाण्डेय के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना के सरोजनी नायडू इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रमेश शुक्ल तथा कल्पना चावला इकाई के पदाधिकारी डॉ अनामिका सिंह के संयोजकत्व में प्राथमिक विद्यालय ( बिजलीपुर प्रथम में) 09 मार्च से चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन प्रथम सत्र में मतदाता जागरूकता रैली प्राथमिक विद्यालय बिजलीपुर प्रथम से प्रारंभ होकर बिजलीपुर मंदिर परिसर, बिजलीपुर गांव, लपटेनपुरवा धर्मपुर , बड़की बिजलीपुर व बंजारी सहित अन्य कई गांवों से होते हुए बिजलीपुर मंदिर परिसर में आकर पूर्ण हुआ। रैली में स्वयंसेवक तथा स्वयं सेविकाओं ने विभिन्न प्रकार के स्लोगन एवं नारे जैसे - नागरिको की है पहचान, सबसे पहले मत का दान । करे राष्ट्र का जो उत्थान, करें उसी को हम मतदान । गांव, पारा खेत खलिहान, सब कहते करो मतदान जैसे नारे लगाकर गांव वालों को मतदान के प्रति जागरूक किया ।
कार्यक्रम में मतदान हमारा अधिकार विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । पोस्टर प्रतियोगिता में खुशी शुक्ला को प्रथम, सलोनी पाण्डेय को द्वितीय, नीलू गुप्ता तथा प्रियांशी शुक्ला को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इससे पूर्व कार्यक्रम का प्रारंभ वैदिक मंगलाचरण दीप प्रज्वलन तथा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ । सरस्वती वंदना पिंकी तथा सरिता ने प्रस्तुत किया । स्वागत गीत नंदिनी तथा नीलू ने प्रस्तुत किया। लक्ष्य गीत पीयूष तथा आदर्श ने प्रस्तुत किया तथा रिपोर्ट लालजी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रमेश शुक्ल तथा डॉ अनामिका सिंह ने मुख्य अतिथि तथा अन्य अतिथियों का परंपरागत ढंग से स्वागत किया। डॉ शुक्ल ने स्वयंसेवक तथा स्वयंसेविकाओं से कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जहां हर नागरिकों को वोट देने का मौलिक अधिकार प्राप्त है मतदान एक बुनियादी प्रक्रिया है, जो देश की सरकारी प्रणाली को मजबूत करती है तथा नागरिकों को अपनी सरकार चुनने में सक्षम बनाती है। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आपदा प्रबंधन विषय पर सांस्कृतिक निदेशिका, प्रो रेखा विश्वकर्मा ने अपना बहुत ही सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया । उन्होंने कहा कि आपदाएं दो प्रकार की होती है । प्रथम आपदा प्राकृतिक होती है तथा द्वितीय प्रकार की आपदा मानवजनित आपदा होती है । ये दोनों ही प्रकार की आपदाएं पर्यावरण मानव जीवन और संपत्ति को बहुत नुक़सान पहुंचाती है। हमे इन आपदाओं से सामना करने के लिए मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से सदैव तैयार रहना चाहिए । उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा के लिए हमे NDRF तथा STRD का सहायता तत्काल लेना चाहिए । कार्यक्रम के तृतीय सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला सेवायोजन अधिकारी मीता गुप्ता ने युवाओं के लिए व्यावसायिक शिक्षा एवं रोजगार के अवसर नामक शीर्षक पर अपना उद्बोधन देते हुए बताया कि युवाओं को अपने अंदर रोजगार परक स्किल डेवेलप करना चाहिए । टेक्निकल एजुकेशन तथा कम्युनिकेशन स्किल पर विशेष ध्यान देना चाहिए । साथ ही अपनी मानसिक शारीरिक, बौद्धिक तथा आत्मिक विकास सतत् करते रहना चाहिए। कार्यक्रम के चौथे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवक तथा स्वयं सेविकाओं ने विभिन्न प्रकार के गीत गजल तथा स्वरचित कविता व भजन प्रस्तुत किया। स्वयंसेवक व स्वयं सेविकाओं में विशेष रूप से पूनम पांडे ने कैसे आऊ में कन्हैया व रिया शुक्ला ने यशोमती मैया से बोले नंदलाला, काजल यादव ने स्वरचित कविता, धर्मेश मिश्र ने चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखियां गीत एवं गजल प्रस्तुत किया जो कि दर्शकों का मन मोह लिया । इस अवसर पर डॉ स्वदेश भट्ट, डॉ रमेश गुप्ता, डॉ आशीष, डॉ अविनाश सिंह, डॉ पूजा मिश्रा, डॉ दिनेश तिवारी, डॉ अर्चना शुक्ला, डॉ ओ पी सिंह व प्रेम नारायण शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ आर के शुक्ल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ अनामिका सिंह ने प्रस्तुत किया । राष्ट्रगान के साथ चौथे दिन के कार्यक्रम का समापन किया गया।
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