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BALRAMPUR...एमएलके कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन


अखिलेश्वर तिवारी 
जनपद बलरामपुर में एमएलके पीजी कॉलेज सभागार में महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं नेशनल इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अवेयरनेस मिशन वाणिज्य मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का विधिवत समापन रविवार को हुआ। संगोष्ठी में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सहयोगियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।
12 अप्रैल को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन समारोह का शुभारंभ कार्यक्रम अध्यक्ष प्राचार्य प्रो0 जे पी पाण्डेय, मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ आर बी श्रीवास्तव, मुख्य नियंता प्रो0 वीणा सिंह, सांस्कृतिक निदेशक प्रो0 रेखा विश्वकर्मा व आई क्यू ए सी के कोऑर्डिनेटर प्रो0 एस पी मिश्र ने दीप प्रज्वलित एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके किया । डॉ सुनील कुमार शुक्ल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। उपस्थित प्रतिनिधियों एवं शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कार्यक्रम अध्यक्ष प्राचार्य प्रो0 जे पी पाण्डेय ने  कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) और भारतीय संस्कृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं, जहाँ IPR पारंपरिक ज्ञान, कला और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को आधुनिक कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। यह पारंपरिक ज्ञान के अनधिकृत उपयोग को रोककर सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करता है। भारत में भौगोलिक संकेत (GI tags) के माध्यम से संस्कृति और बौद्धिक संपदा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य  डॉ आर बी श्रीवास्तव ने कहा कि पारंपरिक लोककथाओं, संगीत, और कला की रक्षा के लिए बौद्धिक संपदा कानून काम करते हैं, जो सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ज्ञान, जैसे योग, आयुर्वेद, और हस्तकला, भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। बौद्धिक संपदा के तहत, जैसे पेटेंट और ट्रेडमार्क, इस ज्ञान को गलत इस्तेमाल से बचाने के लिए कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाती है।  आई क्यू ए सी कोऑर्डिनेटर प्रो0 एस पी मिश्र ने सेमिनार के आयोजन के महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।  संगोष्ठी के सह कोऑर्डिनेटर प्रो0 मोहिउद्दीन अंसारी,प्रो0 अशोक कुमार,समन्वयक डॉ सद्गुरु प्रकाश,आयोजन सचिव डॉ बजरंगी लाल गुप्त ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ राम रहीस ने दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की संक्षिप्त आख्या प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ ऋषि रंजन पाण्डेय ने किया। संगोष्ठी में डॉ राम रहीस,डॉ बसंत कुमार एवं लेफ्टिनेंट(डॉ) देवेन्द्र कुमार चौहान ने रिपोर्टियर की भूमिका का निर्वहन किया। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान से किया गया। संगोष्ठी में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सहयोगियों एवं वालेंटियर को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया । इस अवसर पर डॉ अरुण कुमार, डॉ ओमप्रकाश सिंह, डॉ आर बी त्रिपाठी व सुशील मिश्र सहित कई लोग मौजूद रहे।

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