अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर नगर के अंग्रेजी माध्यम विद्यालय डिवाइन पब्लिक स्कूल अपनी नवीन सोच, आधुनिक शिक्षण तकनीकों एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्धता के लिए निरंतर चर्चाओं में बना रहता है। इसी क्रम में विद्यालय प्रबंधन द्वारा शनिवार को एक सराहनीय पहल करते हुए कक्षा 4 एवं 5 के विद्यार्थियों को प्राकृतिक वातावरण में अध्ययन हेतु विशेष शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया गया।
डिवाइन पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक आशीष उपाध्याय ने 11 अप्रैल को बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करना था। प्राकृतिक वातावरण में पहुंचकर बच्चों को खुले आसमान, स्वच्छ हवा एवं हरियाली के बीच पढ़ने-समझने का अवसर मिला, जिससे उनमें नई ऊर्जा एवं उत्साह का संचार हुआ। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को शारीरिक गतिविधियों के साथ-साथ विज्ञान, पर्यावरण एवं सामान्य ज्ञान से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। बच्चों ने विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों एवं प्राकृतिक संसाधनों के बारे में नजदीक से अध्ययन किया। शिक्षकों ने उन्हें बताया कि किस प्रकार पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए आवश्यक हैं, वे हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं तथा पर्यावरण को संतुलित बनाए रखते हैं। बच्चों को यह भी समझाया गया कि आज के आधुनिक युग में मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण बच्चे शारीरिक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं, जिसका प्रभाव उनके स्वास्थ्य, आंखों एवं मानसिक विकास पर पड़ता है। ऐसे में प्राकृतिक वातावरण में समय बिताना न केवल उनके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि उनकी सोच, रचनात्मकता एवं एकाग्रता को भी विकसित करता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समय-समय पर इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन अत्यंत आवश्यक है। जब भी विद्यालय को यह महसूस होता है कि बच्चों को कक्षा के बाहर व्यावहारिक अनुभव की आवश्यकता है, तब उन्हें इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाया जाता है।
इस दौरान बच्चों में जो उत्साह, जिज्ञासा एवं प्रसन्नता देखने को मिली, वह वास्तव में प्रेरणादायक थी। बच्चों ने प्रकृति के बीच सीखते हुए न केवल नई जानकारियां प्राप्त कीं, बल्कि अपने साथियों के साथ मिलकर आनंद भी लिया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने यह संदेश दिया कि डिवाइन पब्लिक स्कूल हमेशा शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास को समान महत्व देता है। साथ ही शिक्षकों से भी अपेक्षा की गई कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए उन्हें निरंतर प्रेरित एवं मार्गदर्शन प्रदान करें।
इस प्रकार की पहल निश्चित रूप से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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