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BALRAMPUR...हर्षोल्लास के साथ मनाया गया बट सावित्री व्रत, सुहागिनों ने की अपने पतिके लंबे उम्र की कामना


अखिलेश्वर तिवारी 
जनपद बलरामपुर के सभी क्षेत्रों में शनिवार को वट सावित्री व्रत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । जगह-जगह सुहागिन महिलाओं ने वटवृक्ष का पूजन अर्चन करके अपने पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना किया ।
16 मई को जिलेभर में वट सावित्री व्रत मनाया गया । सुहागिन महिलाओं ने निराजल व्रत रखकर बट वृक्ष की पूजा करके अपने पति के लंबे उम्र के लिए प्रार्थना किया । वट सावित्री व्रत इस क्षेत्र में ज्येष्ठ मास की अमावस्या को सुहागिन महिलाओं द्वारा पति की लंबी आयु, स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है। इस दिन वट (बरगद) वृक्ष की पूजा की जाती है। वट वृक्ष (बरगद) की पूजा के दौरान आम तौर पर 7, 11, 21, 51 या 108 बार परिक्रमा (फेरे) करने का विधान है। वट सावित्री व्रत में कच्चा सूत या लाल धागा लपेटते हुए बरगद के पेड़ की 7 बार परिक्रमा करना सबसे प्रचलित और अनिवार्य माना जाता है। 
क्यों मनाया जाता है वट सावित्री व्रत 

यह व्रत पौराणिक कथाओं में पतिव्रता नारी की शक्ति का सबसे बड़ा प्रतीक है। महाभारत की कथा के अनुसार, राजकुमारी सावित्री ने सत्यवान को अपने पति के रूप में चुना था, जिन्हें अल्पायु का शाप था । जब सत्यवान की मृत्यु हुई और यमराज उनके प्राण लेने लगे, तो सावित्री हार नहीं मानी और यमराज के पीछे-पीछे चल पड़ी ।सावित्री की निष्ठा, बुद्धि और पति प्रेम से प्रसन्न होकर यमराज ने उन्हें तीन वरदान मांगने को कहा ।सावित्री ने चतुराई से पहले वरदान में अपने सास-ससुर के लिए राज्य और नेत्र, दूसरे में अपने माता-पिता के लिए संतान, और तीसरे वरदान में स्वयं के लिए सत्यवान से 100 संतानों की मां बनने का वरदान मांगा । इस वरदान को पूरा करने के लिए यमराज को सत्यवान के प्राण लौटाने पड़े ।
वट (बरगद) वृक्ष की पूजा का महत्व

वट सावित्री व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा का विशेष विधान है। ’वट’ यानी बरगद के पेड़ को अमर माना जाता है क्योंकि इसमें त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है । ऐसी मान्यता है कि बरगद के पेड़ की पूजा करने और उसकी परिक्रमा करके कच्चा सूत लपेटने से पति की आयु लंबी होती है और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है । 
अन्य सांस्कृतिक और वैज्ञानिक कारण
 बरगद का पेड़ अपनी विशालता और लंबी उम्र के लिए जाना जाता है । महिलाएं इसी कामना के साथ इस पेड़ की पूजा करती हैं कि उनका वैवाहिक जीवन भी इसी तरह लंबा, मजबूत और स्थिर रहे । इस बहाने महिलाओं का प्रकृति से जुड़ाव होता है । बरगद का पेड़ भारी मात्रा में ऑक्सीजन छोड़ता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है ।

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