अखिलेश्वर तिवारी
जनपद बलरामपुर में बुधवार को भारत बंद के आवाहन का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया । जिल भर के अधिकांश मेडिकल स्टोर तथा दवा की दुकान खुले रहे । भारत बंद आवाहन करने वाले संगठन के पदाधिकारियों द्वारा दवा की दुकानों को जबरन बंद करने का प्रयास प्रशासन तथा दूसरे गुट के कार्यकर्ताओं ने विफल कर दिया ।
20 मई को भारत बंद का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया । मानव सेवा को व्यापार से ऊपर रखने की भावना के साथ आज जनपद बलरामपुर में अधिकांश दवा दुकानें खुली रहीं और आमजन को निर्बाध रूप से दवाएं उपलब्ध कराई जाती रहीं। जबकि दूसरी ओर, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) द्वारा अवैध ई-फार्मेसी एवं कॉर्पोरेट घरानों की भारी डिस्काउंटिंग के विरोध में आहूत राष्ट्रव्यापी बंद का जनपद में कोई खास प्रभाव नहीं दिखाई दिया।
सुबह के समय AIOCD से जुड़े कुछ लोग मेमोरियल अस्पताल, बलरामपुर के सामने टेंट लगाकर एकत्र हुए और दवा व्यापारियों पर जबरन दुकानें बंद कराने का दबाव बनाने लगे। इस स्थिति से चिंतित व्यापारियों ने तत्काल केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, बलरामपुर के महामंत्री अजय श्रीवास्तव को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही अजय श्रीवास्तव ने मामले से औषधि निरीक्षक सुमित कुमार वर्मा को अवगत कराया। औषधि निरीक्षक चौकी प्रभारी संतोष कुमार के साथ मौके पर पहुंचे और दबाव बनाकर बंदी कराने का प्रयास कर रहे लोगों को पुलिस अभिरक्षा में भेजते हुए दवा दुकानों को सुचारु रूप से खुला रखने के निर्देश दिए । केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (सीडीए) बलरामपुर के महामंत्री अजय श्रीवास्तव ने राष्ट्रव्यापी बंद का विरोध करते हुए कहा कि दवाएं आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत आती हैं । ऐसे में दवा दुकानों की बंदी सीधे तौर पर गंभीर एवं असाध्य रोगों से जूझ रहे मरीजों के हितों को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि व्यापार अपनी जगह है, लेकिन जनता और मरीजों की सेवा हमारे लिए सर्वोपरि है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी नीति या व्यवस्था को लेकर असहमति है तो उसका समाधान संवाद और संवैधानिक माध्यमों से होना चाहिए, न कि आमजन को कठिनाई में डालकर। बलरामपुर के दवा व्यापारियों ने आज यह सिद्ध किया कि विपरीत परिस्थितियों में भी मानवता और जनहित ही उनका पहला दायित्व है। इस मौके विजय श्रीवास्तव, सुजीत कुमार, कमलेश मिश्रा, अंबरीश शुक्ल, सुनील श्रीवास्तव सहित कई अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
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