डॉक्टर ने इसे लकड़ी काटने वाले कीड़े की कारस्तानी बताया
गोण्डा :- मोतीगंज थाना क्षेत्र में चोटी काटने की अफवाहों के बीच शुक्रवार की रात में सैदवापुर की एक लड़की प्रियंका पुत्री रामराज की चोटी काट गई। जागने पर जब देखा कि उसकी चोटी कटी पड़ी है तो सदमे में आ गई, और बेहोस हो गई। बेहोसी की हालत में उसे जिला अस्पताल गोण्डा में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद होश में आने के पर जब उसे घर लाया गया तो पुनः शनिवार की रात बेहोस हो गई। लड़की को काजीदेवर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया। यहाँ इलाज के बाद लड़की के ठीक होने पर उसे घर भेज दिया गया है।
इस संबंध में जब सी0एच0सी0 के चिकित्सक डॉ0ओ0पी0भारती से बात की गई तो उन्होंने बताया चोटी काटना किसी व्यक्ति की कारस्तानी नही है बल्कि यह एक प्रकार का लकड़ी काटने का कीड़ा टाइटेनियम हो सकता है। वर्षात के मौसम में इस प्रकार के कीड़े बहुतायत में हमारे आस-पास पाए जाते है और रात में उजाला पाकर घरों के आस पास आ जाते है। जिस प्रकार शरीर पर एक विशेष प्रकार के कीड़े के बैठने से फफोले पड़ जाते है, उसी प्रकार टाइटेनियम कीड़े की आदत किसी भी चीज को काटने कुतरने की होती है। और जब यह बालों पर बैठता तो उसे कुतर कर काट डालता है। जहाँ तक बेहोस होने का प्रश्न है तो यह सब सुनी हुई अफवाहों के कारण कि जिसके बाल काट जाते है वह मर जाता है, ये सोच कर लड़कियां सदमे में आ जाती है , या फिर पूर्व से ही हिस्टीरिया रोग से ग्रसित होने के कारण ऐसा होता है।ऐसी स्थित में ऐसे लोगो के दिमाग से बातचीत कर इस भ्रम को बाहर निकाले , और हकीकत से अवगत कराएं और विश्वास पैदा करे कि बाल काटने से कोई मरता नही है। ये सब सिर्फभ्रम है, अफवाहों पर ध्यान न दें।



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