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दो दिवसीय कृषक गोष्ठी/मेला के माध्यम से कृषकों को दी गयी जानकारी



बहराइच। राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्र्गत दो दिवसीय कृषक गोष्ठी/मेला के द्वितीय दिवस का आयोजन का आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र, बहराइच पर किया गया। तकनीकी सत्र में औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र, बस्ती के वैज्ञानिक डाॅ0 विजय बहादुर द्विवेदी द्वारा चयनित औद्यानिक फलों/शाकभाजी, मसाला में आईपीएम/आईएनएम की तथा हल्दी, मिर्च, लहसुन, प्याज के समन्वित उत्पादन, तकनीक एवं फलस तुड़ाई, उपरान्त प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी। जिला उद्यान अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उद्यान विभाग में संचालित विभिन्न औद्यानिक विकास योजनायें यथा-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (30 नाॅन एनएचएम) के तहत औद्यानिक विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत नवीन उद्यान रोपण, पुष्प उत्पादन, मसाला क्षेत्र विस्तार तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड एसेस्ट्स के अन्तर्गत 20 हार्स पावर तक के ट्रैक्टर पर इकाई लागत का 25 प्रतिशत तथा अन्य कृषि उपकरण यथा-पावर  टिलर, नैपसेक स्पे्रयर तथा पावर स्पे्रयर पर लघु सीमान्त कृषकों को इकाई लागत का 50 प्रतिशत तथा अन्य कृषक को 40 प्रतिशत राजकीय सहायता अनुमन्य है।
नर्सरी सीडलिंग, रेजिग इन लोटनल, पालीनेट एण्ड प्रोडक्शन आॅफ हाई वैल्यू वेजीटेब्लिस एण्ड ओनियन प्रोडक्शन योजनान्तर्गत शाकभाजी फसलों में उच्च तकनीक एवं संकर बीजों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से योजनान्तर्गत संकर कद्दूवर्गीय, पातगोभी, संकर टमाटर व संकर शिमला मिर्च का क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम कराया जाना है जिस पर उत्पादन लागत का 40 प्रतिशत अनुदान देय है।
योजना प्रभारी आरके वर्मा द्वारा जनपद बहराइच में केले के इतिहास के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1992 में पं. दीनदयाल उपाध्याय विशेष रोजगार योजना के अन्तर्गत जनपद बहराइच/श्रावस्ती के 04 विकासखण्ड-तेजवापुर, चित्तौरा व गिलौला, इकौना से केला हरीछाल की खेती की शुरूआत की गयी थी। वर्ष 1999-2000 में टिश्यू कल्चर केला की प्रजाति जी-9 ग्रेन्डनैन की 4500 पौधे डास्प योजनान्र्गत कृषकों में वितरित किये गये थे। जिसके परिणाम स्वरूप आज जनपद-बहराइच में 5000 है0 में केला टिश्यू कल्चर की खेती हो रही है। जिसके परिणाम स्वरूप आज यहाॅ का केला देश के अन्य प्रदेशो के साथ ही नेपाल राष्ट्र में भी निर्यात किया जा रहा है। गुणवत्ता एवं भौगोलिक दृष्टि से जनपद बहराइच केला के लिए एक आदर्श क्षेत्र है। यहाॅ का केला गुणवत्ता में प्रदेश में प्रथम स्थान रखता है।
विषय विशेषज्ञ श्यामा चरण शुक्ल द्वारा नर्सरी सीडलिंग, रेजिंग इन लोटनल, पालीनेट एण्ड प्रोडक्शन आफ हाई वैल्यू वेजीटेबल्स एण्ड ओनियन प्रोडक्शन तथा फसल तुड़ाई उपरान्त प्रबन्धन की ढांचागत सुविधाओं की अवस्थापना एवं संचालन पर, प्रगतिशील कृषक शक्तिनाथ सिंह द्वारा औषधीय खेती के उत्पादन व विक्रय प्रबन्धन के सम्बन्ध में, प्रगतिशील कृषक राम केवल गुप्ता द्वारा जैविक खेती के सम्बन्ध में उपस्थित कृषकों को विस्तार से जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सदस्य जिला पंचायत अमरेन्द्र प्रताप सिंह, विशिष्ठ अतिथि वीरेन्द्र कुमार मिश्र, अध्यक्षता प्रगतिशील हनुमान प्रसाद शर्मा ने की। कार्यक्रम का संचालन योजना प्रभारी आरके वर्मा द्वारा किया गया। अन्त में उद्यान निरीक्षक अवनीश कुमार श्रीवास्तव द्वारा सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया गया। किसान मेला/गोष्ठी के अवसर पर अवनीश कुमार अवस्थी, गुलाम मोहम्मद, जनार्दन पटेल, लालता प्रसाद, गणेशचन्द्र मिश्र व सैकड़ों महिला एवं पुरूष कृषकों ने भाग लिया।

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