रिपोर्ट:- राजकुमार शर्मा
बाबागंज। भारत नेपाल सीमा के कलकलवा मर्जिनल बाॅध जो मौलानापुरवा से लेकर लक्ष्मनपुर बैराज तक सिचाई परियोजना के रूप मेे भारत सरकार ने जनपद श्रावस्ती मे राप्ती नदी पर 10किमी0 लम्बे बाॅध का निर्माण कराया है । इसी बाॅंध सें लगभग 25किमी0 दूर नेपाल कें बाॅके जिला अंर्तगत अगैया मे राप्ती नदी पर नेपाल व चाईना के आर्थिक सहयोग से सिक्टा सिंचाई परियोजना बाॅध का निर्माण किया गया है । सिक्टा सिचाई बाॅध परियोजना से नेपाल सरकार द्वारा बिना साईरन बजाये व बिना सूचना प्रदान किये अचानक फाटक खोल देने के कारण घंटो मे उची उची लहरो के साथ तेज रफ्तार के साथ भारतीय क्षेत्र होलियो,अमृत पुरवा,चैफेरी आदि गाॅवो मे अचानक पानी आने के कारण लोगो को खाना छोड़कर मकान के छतो व पेड़ो पर जान बचाने के लिए चढ़ने पर मजबूर होना पड़ा था। एस0एस0बी0 की 42वीं वाहनी के आर0आर0टी0 के जवानो ने बाढ़ से घिरे लोगो की मदद की । नेपाल व भारत के बीच राप्ती नदी पर बने 10किमी0 लम्बी कलकलवा मर्जिनल तट बंध के बिबाद के हल के लिए पोखरा गंधइली समझौता के तहत मौलानापुरवा के पास नेपाल के पानी के निकास के लिए एक पुल का निर्माण किया गया जिससे नेपाल के राप्ती,डोड़वा, तथा गंधईली नाला का बरसाती पानी निकलता है इस पुल से आने वाली बाढ़ के पानी के तबाही से भारतीय क्षेत्र के हजारो एकड़ कृषि भूमि जल मग्न तथा फसल नष्ट हो गयी । जिसके कारण मौलानापुरवा,फुल्टेकरा,अड़बड़वा,मजगवा, आदि गाॅवो के लोग प्रभावित है । लेखपाल सरकारी आदेश का इन्तजार कर रहे है ग्रामवासी ,हिमांशु सिंह तथा कमला प्रसाद शर्मा ने आॅंखो देखा हाल ब्यान किया है ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बाद गाॅंवो मे संक्रामक रोग फैल रहा है लेकिन पीड़ितों को दवाईयां व खादय सामग्री नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं में गला धेाटू व खुरपका जैसी बीमारियां पनप रही हैं बाढ़ पीड़ित क्षेत्रो मे डाक्टरो की टीम नही पहुॅंची नही दवाईयो, का बितरण ही किया गया है।पूर्व प्रधान राजमंगल त्रिपाठी ने बताया कि बाढ़़ से हुए फसल नुकसान का कोई सर्वे नहीं कराया गया है जिससे फसल की क्षति मिलने के आसार दिख सके।
बाबागंज। भारत नेपाल सीमा के कलकलवा मर्जिनल बाॅध जो मौलानापुरवा से लेकर लक्ष्मनपुर बैराज तक सिचाई परियोजना के रूप मेे भारत सरकार ने जनपद श्रावस्ती मे राप्ती नदी पर 10किमी0 लम्बे बाॅध का निर्माण कराया है । इसी बाॅंध सें लगभग 25किमी0 दूर नेपाल कें बाॅके जिला अंर्तगत अगैया मे राप्ती नदी पर नेपाल व चाईना के आर्थिक सहयोग से सिक्टा सिंचाई परियोजना बाॅध का निर्माण किया गया है । सिक्टा सिचाई बाॅध परियोजना से नेपाल सरकार द्वारा बिना साईरन बजाये व बिना सूचना प्रदान किये अचानक फाटक खोल देने के कारण घंटो मे उची उची लहरो के साथ तेज रफ्तार के साथ भारतीय क्षेत्र होलियो,अमृत पुरवा,चैफेरी आदि गाॅवो मे अचानक पानी आने के कारण लोगो को खाना छोड़कर मकान के छतो व पेड़ो पर जान बचाने के लिए चढ़ने पर मजबूर होना पड़ा था। एस0एस0बी0 की 42वीं वाहनी के आर0आर0टी0 के जवानो ने बाढ़ से घिरे लोगो की मदद की । नेपाल व भारत के बीच राप्ती नदी पर बने 10किमी0 लम्बी कलकलवा मर्जिनल तट बंध के बिबाद के हल के लिए पोखरा गंधइली समझौता के तहत मौलानापुरवा के पास नेपाल के पानी के निकास के लिए एक पुल का निर्माण किया गया जिससे नेपाल के राप्ती,डोड़वा, तथा गंधईली नाला का बरसाती पानी निकलता है इस पुल से आने वाली बाढ़ के पानी के तबाही से भारतीय क्षेत्र के हजारो एकड़ कृषि भूमि जल मग्न तथा फसल नष्ट हो गयी । जिसके कारण मौलानापुरवा,फुल्टेकरा,अड़बड़वा,मजगवा, आदि गाॅवो के लोग प्रभावित है । लेखपाल सरकारी आदेश का इन्तजार कर रहे है ग्रामवासी ,हिमांशु सिंह तथा कमला प्रसाद शर्मा ने आॅंखो देखा हाल ब्यान किया है ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बाद गाॅंवो मे संक्रामक रोग फैल रहा है लेकिन पीड़ितों को दवाईयां व खादय सामग्री नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुओं में गला धेाटू व खुरपका जैसी बीमारियां पनप रही हैं बाढ़ पीड़ित क्षेत्रो मे डाक्टरो की टीम नही पहुॅंची नही दवाईयो, का बितरण ही किया गया है।पूर्व प्रधान राजमंगल त्रिपाठी ने बताया कि बाढ़़ से हुए फसल नुकसान का कोई सर्वे नहीं कराया गया है जिससे फसल की क्षति मिलने के आसार दिख सके।

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