सतेन्द्र खरे
यूपी में योगी राज के 5 महीने बीतने वाले है लेकिन यूपी पुलिस के अफसरों में समाजवादी नेताओ के प्रति उनका प्रेम कम नहीं हुआ है | जिसका नतीजा यह है कि एक पीडिता युवती को अपने भाई के साथ सपा के आरोपी नेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने में पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे है | मामला डिप्टी सीएम केसव मौर्या के गृह जनपद कौशाम्बी के पिपरी थाने का है | जहाँ 10 दिन पहले पीडिता को उसके घर में घुस कर खुद सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव और उसके गुर्गो ने सामूहिक दुष्कर्म की नाकाम कोशिस की | जिसमे कामयाब न होने पर आरोपी सपा नेता और उसके गुर्गो ने पीडिता और उसके भाई को बन्दूक के बट और डंडो से पीटा | हैरानी की बात तो तब हुयी जब पीडिता ने पिपरी पुलिस से शिकायत करने पहुची तो पुलिस उल्टे पीडिता के खिलाफ ही म मुकद्दमा दर्ज करने की धमकी देकर थाने से भगा दिया |
पीडिता की लिखित शिकायत देने के बाद भी पिपरी थाने की पुलिस का सपा नेता अशोक यादव और उसके गुर्गो के बचाव में मुकद्दमा न लिखना | प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर रहा है | पीडिता ने आरोप लगाया है कि उसके साथ 12 अगस्त को पूर्व जिला अध्यक्ष सपा अशोक यादव ने अपने गुर्गो के साथ मिलकर जबरजस्ती की कोशिस की , लेकिन पिपरी थाने की पुलिस के साथ पुलिस के बड़े अधिकारी भी उसकी फ़रियाद नहीं सुन रहे है | पीडिता और उसके भाई ने कौशाम्बी के एसपी व इलाहाबाद जोन के इन्स्पेक्टर जनरल तक शिकायत कर चुकी है लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं दर्ज हो सकी है | पीडिता यूपी के पुलिस के अधिकारियो के रवैये से नाराज़ होकर अब अपने लिए न्याय न दे पाने के बदले मौत मांग रही है |
सपा नेता अशोक यादव व् उसके गुर्गो पर कार्यवाही न होने से वह आये दिन पीडिता और उसके भाई को जान से मारने की धमकी दे रहे है | पिपरी थाना इलाके के स्थाई रूप से रहने वाले सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव व् उसके गुर्गो के बचाव में उतरी कौशाम्बी पुलिस के सर्किल अफसर चायल एसएस ग्रोवर का कहना है कि मामले की शिकायत उनको मिली है जिसकी वह जाँच करा रहे है | फिलहाल पूरा मामले खेत में रास्ता निकालने के विवाद का है जिसमे पीड़ित के खेत से आरोपी सपा नेता अशोक यादव रास्ता निकालना चाहते है


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