सत्येन्द्र खरे
बीमार होने के 36 घंटों के अंदर चली गई जान
दो मरीजों को निजी अस्पताल में चल रहा उपचार, 16 को जांच के बाद बांटी दवा
कौशांबी : सिराथू तहसील क्षेत्र के बिछौरा गांव में रहस्यमय बीमारी से 21 दिनों में तीन बच्चों की मौत हो चुकी है। दो लोगों को बीमारी से ग्रसित होने के बाद परिवार के लोगों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। जानकारी के बाद सोमवार को संक्रामक रोग विभाग की टीम गांव पहुंची। 16 लोगों को जांच के बाद दवा का वितरण किया। बीमारी के पीछे क्या कारण है यह स्पष्ट नहीं हो सका।
बिछौरा गांव की दलित बस्ती गांव से सटे तालाब के चारों ओर बसी है। इस तालाब गंदगी से पटा गांव में इन दिनों रहस्यमय बीमारी फैली है। बीमारी की चपेट में आने से 11 अगस्त को सोमल देवी (3) पुत्री हीरालाल, 19 अगस्त को विपिन (2) पुत्र रामबहादुर, एक सितंबर को गुड्डी देवी (4) पुत्री उमलेश की मौत हो चुकी है। जबकि गांव के बृजेश की तीन वर्षीय पुत्री चांदनी व रेखा देवी (30) पत्नी व्यारेलाल बीमारी की चपेट में है। दोनों का अलग-अलग निजी अस्पताल में उपचार चल रहा। सोमवार को गांव के लोगों ने घटना की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। इसके बाद संक्रामक रोग विभाग की टीम गांव पहुंची। बस्ती के लोगों की जांच के बाद 16 लोगों के बीच दवा का वितरण किया।
बीमारी का नहीं लगा पता
गांव मे बीमारी किस लिए फैली है। इसकी जानकारी चिकित्सकों को नहीं हो सकी। इसके साथ ही बीमार हुए लोगों की मौत करीब 36 घंटे के अंदर हो गई। इस बात की जानकारी के बाद से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी हैरान है। गांव में लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। संक्रामक रोक प्रभारी डा. नागेंद्र सिंह ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई है। उनके परिवार के लोगों ने बताया कि बीमारी की चपेट में आने के बाद बच्चों के गले में दर्द हुआ। वह जब तक बच्चे की बीमारी के बारे में जानकारी कर पाते बच्चों को गला जाम हो गया। वह कुछ बोलने की स्थित में नही थे। उनका उपचार एक निजी चिकित्सक के पास हुआ, लेकिन 24 से 36 घंटे के अंदर उनकी मौत हो गई।


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