सुल्तानपुर। निषाद भवन विनोवापुरी में मोस्ट समाज की बैठक की गयी। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी राम प्यारे निषाद ने की। बैठक में मछुवा विरोधी नई बालू खनन नीति 2017 जिसमे सदियो से बालू खनन पर मछुआ समुदाय के एकाधिकार को समाप्त करने तथा हजारो गुना रायल्टी बढ़ाने कारण सरकार की निंदा की गयी और अपने पैतृक पेशे बालू खनन को सुरक्षित रखने के लिए रणनीति पर विचार-विमर्श के पश्चात सात सदस्यीय संघर्ष समिति के गठन का निर्णय लिया गया, जिसमें राम प्यारे निषाद टांटियानगर, हरिश्चन्द्र निषाद कटाँवा, जे.पी. निषाद गुरेगाँव, रविकांत निषाद, पुट्टीलाल निषाद ओदरा, सतनाम निषाद बरासिन, बसन्तलाल निषाद हिंदुआबाद शामिल हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 30 अक्टूबर 2017 को समय 1 बजे दिन में डीएम को बालू खनन नीति 2017 के विरोध में ज्ञापन दिया जाएगा, जिसमे मोस्ट समाज सुलतानपुर से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की, साथ-साथ उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों के मछुआ समुदाय के शुभचिंतकों से अपने-अपने जनपद में मछुआ विरोधी बालू खनन नीति के खिलाफ ज्ञापन देने की अपील की गयी। बैठक में भारत निषाद, पूर्व जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल निषाद, मगन निषाद प्रधान, योगेश निषाद प्रधान, राम सजीवन निषाद, राजीव निषाद, पन्नालाल निषाद, रामनयन निषाद बीडीसी सहित दर्जनों लोगो ने अपना विचार व्यक्त किया। उक्त अव सर पर शिक्षक नेता श्यामलाल निषाद ने अपने सम्बोधन में कहा कि जहा कही भी मोस्ट समाज के हक अधिकार के हित की बात होगी मोस्ट कल्याण संस्थान तन-मन-धन से सहयोग करेगा।

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