सत्येन्द्र खरे
कौशांबी : दो साल पहले बेटी के सामने युवक ने पत्नी की हत्या कर दी थी। अब बेटी के बयान पर बाप को अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय डा. हूमायूं रसीद खां ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियाजनों के अनुसार सैनी कोतवाली क्षेत्र के नज्जू का पुरवा निवासी बच्चालाल ने 10 जुलाई 2015 को पुलिस को जानकारी देकर बताया कि उसने आठ वर्ष पूर्व अपनी बेटी गीता देवी की शादी गांव के ही रजऊ पुत्र रोशनलाल के साथ किया था। रजऊ शराब पीने व जुआ खेलने का आदी था। गीता देवी इसके लिए पति को रोकती थी तो वह उसके मारता पीटता था। बीते 25 फरवरी 2017 को सूचना मिली की गीता देवी की मृत्यु हो गई है। घटना स्थल पर जाकर देखा तो गीता देवी के शरीर पर दांत काटने व चोट के निशान है। पुलिस ने पुलिस ने बच्चा लाल की तहरीर पर रजऊ के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया और विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। मामले का विचारण त्वरित न्यायालय द्वितीय की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता मो. लतीफ ने मृतका की पुत्री सोनम सहित चार गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। बुधवार को मामले की अंतिम सुनवाई हुए। अभियोजन एवं बचाव पत्र को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी रजऊ को पत्नी की हत्या का दोषी पाया और अपना फैसला सुना दिया।


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